
Ranchi : भाजपा विधायक दल के नेता एवं पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं. सोमवार को इस विषय पर उन्होंने हेमंत सरकार पर कड़ा हमला बोला. कहा कि राज्य की पुलिस सरकार के इशारे पर विधि विरुद्ध कार्रवाई कर रही है. राज्य भर में आम आदमी पर पुलिसिया दमन बढ़े हैं. यह स्पष्ट हो चुका है कि राज्य की पुलिस जनता की सेवा नहीं बल्कि सरकार का टूल बन कर काम कर रही है.
15 अगस्त को अनगड़ा थाने की पुलिस द्वारा ग्राम जेराडीह से चैता बेदिया की पत्नी सीपोति देवी, पिता शिवलाल बेदिया, बहन पुसमनी कुमारी के साथ 4 वर्ष एवं 2 वर्ष के दो छोटे बच्चों को घर से उठा कर दोपहर में अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है. उनका अब तक कोई अता-पता नहीं है. पुलिस जल्द उन्हें रिहा करे.
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स्वतंत्रता दिवस पर बनाया बंधक
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एक ओर पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के दिन आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, वैसे में एक आदिवासी परिवार को पुलिस द्वारा अकारण प्रताड़ित किया जाना राज्य को कलंकित करनेवाली कार्रवाई है. पुसमनी कुमारी को वे व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं. वह रांची स्थित संत कुलदीप स्कूल में पढ़ाई करती है.
विगत एक महीने से अपने गांव में थी. घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अनगड़ा थाना के पुलिस पदाधिकारी से लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक से बात कर सूचना मांगी. परंतु उनके फ़ोन का भी किसी पदाधिकारी ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया.
मोबाइल पर कॉल नहीं रिसीव करने के कारण उन्होंने पुलिस को व्हाट्सअप मैसेज भेज कर जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की परंतु कहीं से सटीक उत्तर नहीं मिला. बेदिया परिवार के लोग आखिर कहां हैं, इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गयी. एक पदाधिकारी ने ऊपर से ऐसा करने का निर्देश मिलने की बात स्वीकार की है.
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सरकार की नीयत साफ नहीं : दीपक प्रकाश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने भी सोमवार को पुलिस महानिदेशक से बात की परंतु कोई स्पष्ट जानकारी नहीं प्राप्त हुई है. इन बातों से यह स्पष्ट है कि सरकार की नीयत साफ नहीं. भोले भाले लोगों को पुलिस द्वारा डराया, धमकाया जाना आम बात हो गयी है. पुलिस जनता को सुरक्षा नहीं दे रही बल्कि बेवजह परेशान कर रही.
राज्य सरकार की ऐसी कार्रवाई से राज्य में अराजकता की स्थिति है. पुसमनी कुमारी सहित उसके वृद्ध पिता, पत्नी सीपोति देवी एवं दो छोटे बच्चों समेत सभी को अविलंब मुक्त कराने की दिशा में सरकार जल्द पहल करे.
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