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Jharkhand : सरकारी स्कूलों में बदलेगा टेस्ट पैटर्न, 15 दिनों पर स्कूल और माह के अंत में राज्य स्तर पर टेस्ट

Ranchi : कोविड ने एजुकेशन पर बीते साल से काफी असर डाला है. ऑनलाइन एजुकेशन का चलन बढ़ा. लेकिन यह बहुत मुकम्मल नहीं हो पाया. सरकारी स्कूलों की बात करें तो राज्य सरकार की ओर से बच्चों तक ऑनलाइन शिक्षा पहुंचाने के प्रयास किये गये. इसके बाद भी मुश्किलें आयी.

पढाई के बाद बच्चों के मूल्यांकन को लेकर दिक्कतें आयी. बच्चों की पढाई और उनका सही मूल्यांकन हो पाये इसे लेकर राज्य के स्कूलों में टेस्ट पैटर्न लाने की तैयारी चल रही है.

राज्य शिक्षा परियोजना की तरफ से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है. इसी शैक्षणिक सत्र से इसे शुरू भी किया जा सकता है.

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विषयवार शिक्षक लेंगे टेस्ट

शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किये जा रहे इस टेस्ट पैटर्न पर बात चल रही है. इसके तहत सभी विषयवार शिक्षकों को प्रत्येक 15 दिनों पर अपने-अपने विषयों के लिए मूल्यांकन आयोजित करना होगा. इसके तहत शिक्षकों के द्वारा ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न अंकित किये जायेंगे. सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी कॉपी में उत्तर लिखते हुए लिखी हुई कॉपी को शिक्षकों के पास जमा करेंगे.

उसके बाद सभी शिक्षक अपने-अपने विषयों की कॉपी की जांच करेंगे और उसे एक सप्ताह के भीतर बच्चों को देंगे. मूल्यांकन का 50 अंक निर्धारित होगा.

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ऐसा होगा टेस्ट पैटर्न

जानकारी के अनुसार 50 अंक के इस टेस्ट में छात्रों को कुल 10 प्रश्नों का जवाब देना होगा. इन 10 प्रश्नों में से पांच प्रश्न वस्तुनिष्ठ तथा पांच प्रश्न लघु व दीर्घ उत्तरीय होंगे. विषयों का चयन क्रमानुसार होगा. प्रत्येक 15 दिनों पर कम से कम दो विषय इसमें शामिल किया जायेगा. महीने के अंत में राज्य स्तर पर मूल्यांकन किया जायेगा.

इसके लिए जेसीईआरटी द्वारा प्रश्नपत्र ऑन लाइन शिक्षकों को उपलब्ध करायेगा. विद्यार्थियों के प्राप्तांकों को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा.

क्या कहते हैं अधिकारी

समय की जरुरत को देखते हुए राज्य के स्कूलों में टेस्ट पैटर्न लाया जा रहा है. इसका सीधा मतलब बच्चों का मूल्यांकन करना है. बच्चे की कमी किस विषय में और कहां है उसे देखना. फिर उसमें सुधार के प्रयास करना है.
राजेश शर्मा, शिक्षा सचिव

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