
Hazaribagh : हजारीबाग की उरीमारी कोयला परियोजनाओं में बनी विकास रोजगार कमेटी(दबंग कमेटी) में प्रतिबंधित नक्सली संगठन की भूमिका के बाद अब गैंगस्टर के गुर्गे भी कूद पड़े हैं. दबंग कमेटी के विरोध का खामियाजा जरजरा के गोविंद साव का परिवार उठा रहा है. सोलह जून को रामगढ़ जेल में बंद गैंगस्टर विकास तिवारी के शार्प शूटर प्रदीप पासवान ने गोविंद साव की पत्नी के साथ मारपीट वाले मामले को उठा लेने की धमकी दी है. जिसमें दबंग कमेटी के कुछ लोगों को अभियुक्त बनाया गया है .इस संबंध में पीड़ित गोविंद साव ने उरीमारी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत की है. जिसमें उसने लिखा है कि सोलह जून को दोपहर 11 बजे उसके फोन पर 7493873853 नंबर से फोन आया और उससे कहा गया कि प्रदीप पासवान बोल रहा हूं, तुमने संजय करमाली, सोनाराम मांझी,संतोष सिंह, और मनोज मुंडा पर जो केस किया है, उसे उठा लो, नहीं तो जान मार देंगे . मेरा आदमी जा रहा है. अंजाम पता चल जायेगा. धमकी केबाद पीड़ित गोविंद ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है .
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दबंग कमेटी के लोगों ने गोविंद की पत्नी से की थी मारपीट, छेड़खानी और लूटपाट
उरीमारी रोजगार कमेटी के दबंगों द्वारा 11 जून को जरजरा के गोविंद साव की पत्नी को घर मे घुस कर मारपीट,छेड़खानी और घर मे रखे पांच हजार रुपए लूटने का आरोप है. पीड़िता के पति गोविंद साव ने उरीमारी ओपी में लिखित आवेदन दिया था, जिसमें संजय करमाली, सोनाराम मांझी, संतोष सिंह,मनोज मुंडा को आरोपी बनाया गया है. इस पर कांड संख्या 87/18 दर्ज कर पुलिस ने पीड़िता का हजारीबाग सीजेएम कोर्ट में 164 का बयान भी दर्ज करवा लिया था. पीड़िता ने उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में अपना बयान कलमबद्ध करवाये थे. इसी केस को उठाने के लिए प्रदीप पासवान ने रामगढ़ जेल से फोन कर धमकी दी है .
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गोविंद को दो नंबरों से मिली धमकी
रामगढ़ जेल से प्रदीप पासवान के नाम से गोविंद साव को दो मोबाइल नंबर से धमकी दी देने की बात कही जा रही है. पहली बार गोविंद को 7493873853 से दी गई फिर 9934787710 से दुबारा धमकी देने की बात सामने आयी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों नंबरों की लोकेशन रामगढ़ जेल में मिलने की बात कही जा रही है. नंबरों का कॉल डिटेल खंगालने की प्रक्रिया चल रही है .हजारीबाग और रामगढ़ पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.
लाखों की वसूली और बंदरबांट का खेल
उरीमारी के बिरसा, न्यू बिरसा और उरीमारी परियोजना में रोजगार-विकास कमिटी के नाम पर कमेटी सदस्यों द्वारा प्रतिमाह 15 से 20 लाख की वसूली होती है जिसे प्रतिबंधित नक्सली संगठन को पहुंचाने का आरोप लगाते हुए वहां के लोगों ने लिखित आवेदन देकर हजारीबाग एसपी से कमेटी सदस्यों पर कार्रवाई करने की मांग की थी. जिससे गुस्से कमेटी के दबंगों ने गोविंद की पत्नी के साथ घर मे घुसकर मारपीट,छिनतई और छेड़खानी की थी. अब तक इस मामले में नक्सली संगठन टीपीसी की भूमिका कही जा रही थी.लेकिन अब गैंगस्टर विकास तिवारी के गुर्गों के शामिल होने से पुलिस के सामने चुनौती बढ़ने का साथ-साथ खूनी खेल की संभावना भी बढ़ गयी है .
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