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देवघर में गलत नियोजन नीति को लेकर भाजयुमो ने किया युवा आक्रोश सम्मेलन, सतसंग चौक पर मुख्यमंत्री का फूंका पुतला

Deoghar:  शनिवार को स्थानीय अंजुला मेंशन में भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से गलत नियोजन नीति को लेकर युवा आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया गया. साथ ही सतसंग चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका. जिसकी अध्यक्षता भाजयुमो जिला अध्यक्ष अतुल सिंह की. सम्मेलन में जिला एवं प्रखंड कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित थे. डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. मौके पर साहेबगंज जिले के बोरियो थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई आदिम जनजाति की बेटी रुबिका पहाड़िया की निर्मम हत्या पर आक्रोश जताते हुए पुष्प अर्पित की गई व दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गयी. इसके अलावा झारखंड सरकार के खिलाफ युवा आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया गया.
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युवा आक्रोश सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी ने कहा कि युवा ही वर्तमान और युवा ही भविष्य है. राज्य सरकार की युवाओं के साथ खिलवाड़ को भाजयुमो किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी. भाजयुमो हमेशा युवाओं के हित की बात करता है. चाहे वह नियोजन हो या महिलाओं के सम्मान की बात हो या राज्य में महिला अत्याचार या युवाओं के हक अधिकार पीड़ित व शोषित को सम्मान दिलाने की बात हो. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को सशक्त करने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में युवा मोर्चा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. इस सरकार ने वादा किया था कि अगर उसकी सरकार आती है तो वे राज्य के खाली सभी सरकारी पदों पर 6 महीनों के भीतर भरेंगे. महागठबंधन की तरफ से चुनावी घोषणा पत्र में राज्य के किसानों से वादा किया गया था कि अगर सरकार आई तो किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्जा माफ होगा. राज्य के निजी क्षेत्रों में 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रहेगी. बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया था लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया.

मौके पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष अतुल सिंह ने कहा कि वर्तमान हेमंत सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है. यह सरकार ऐसी गलत नीतियां लाती है जो कोर्ट में जाकर निरस्त हो जाती है जो युवाओं को धोखा देने वाली है. हेमंत सरकार की मंशा युवाओं को रोजगार देने की कभी नहीं रही है. इसलिए सरकार कानूनी प्रावधानों के माध्यम से केवल योजनाओं को लटकाने, भटकाने और अटकाने का काम करती है. झारखंड के मूलवासी हेमंत सरकार की नियोजन नीति से परेशान थे. नियोजन नीति में झारखंड से 10वीं और 12वीं पास के शर्त के कारण कई झारखंडी बच्चे नियोजन के लिए अयोग्य करार हो रहे थे जबकि दूसरे राज्यों से निवास करने वाले लेकिन केवल झारखंड में 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी योग्य माने जा रहे थे. जिसे न्यायालय ने रद्द किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में जिस प्रकार से लव जिहाद का मामला बढ़ रहा है. इसमें डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है. हेमंत सरकार वर्तमान में आदिवासी विरोधी साबित हो रही है.

कार्यक्रम का संचालन सुरज कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष राकेश रंजन ने किया. इसके बाद भाजयुमो ने झारखंड सरकार की नियोजन नीति के विरोध में वीर कुंवर सिंह चौक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया. देवघर में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रैली भी निकाली. सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि इस सरकार के राज्य का भला होने वाला नहीं है. मौके पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता चौरसिया, संजीव चौरसिया, भाजपा जिला महामंत्री अधिर चंद्र भैया, पंकज सिंह भदौरिया, जिला मंत्री रुपा केशरी, कोषाध्यक्ष दिलिप सिंह, अमृत आनंद, धनंजय खवाड़े, राकेश रंजन, सौरभ पाठक, सुनित आनंद, अजय पांडेय, बम बम दुबे, अभिजीत मुखर्जी, निर्मल मिश्रा, सीएन दुबे, जय मिश्रा, दिलीप वर्णवाल, सत्यजीत सिंह, राजु केशरी, अंश देव राजपुत, मुरारी मंडल, भुषण सोनी, सोनु पांडेय, सिंटु उपाध्याय, नेहा सिन्हा, अमर सिंह, मनिष सिंह, विकास राउत, विकास वर्मा, श्रीकांत मंडल, सौरभ झा, अजय सिंह, प्रकाश गुप्ता, कृष्ण गुप्ता, सौरभ सुमन, मीना झा, परमेश राव, शाहिल कुमार, राहुल पाठक सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे.

भाषा के आधार पर भी हेमंत सरकार ने गलत निर्णय लिया थाः विधायक

युवा आक्रोश सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष सह विधायक नारायण दास ने कहा कि भाषा के आधार पर भी हेमंत सरकार ने अनुचित निर्णय लिए. घर घर बोली जाने वाली हिंदी और अंग्रेजी को हटाकर इस सरकार ने चंद लोगों द्वारा व्यवहार में लाए जाने वाले ऊर्दू भाषा को प्राथमिकता दी जो तुष्टिकरण की पराकाष्ठा थी. उन्होंने जनहित और राज्य हित में उच्च न्यायालय की ओर से दिए गए ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि हेमंत सरकार को सस्ती लोकप्रियता के लिए जनविरोधी और संविधान विरोधी फैसला लेने से बचना चाहिए.

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