
Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवे दिन भी शुरुआत हंगामे से ही हुई. 11.06 मिनट पर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. हंगामा इतना बढ़ गया कि 11.31 मिनट पर सदन 2 बजे तक के लिए स्पीकर ने स्थगित कर दिया. सदन की कार्यवाही मात्र 25 मिनट ही चल पायी.
लेकिन इसी दौरान बीजेपी के विधायक 4 बार वेल में आकर हंगामा करने लगे. दरअसल बुधवार को कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा था कि बीजेपी के विधायक सदन में कुत्तों की तरह भौंक रहे हैं. इरफान के इसी बयान पर बीजेपी विधायकों ने सदन शुरू होते ही हंगामा कर दिया.और माफी की मांग करने लगे.
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सीपी सिंह को इरफान ने बताया पागल
प्रदीप यादव के कांग्रेस में शामिल होने पर इरफान अंसारी के थूकने के सीपी सिंह के बयान पर जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी ने उन्हें पागल करार दिया. उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर होने के नाते वे उनका मानसिक इलाज करेंगे. वे सीपी सिंह को कांके भेजेंगे, अगर यहां भी उनका ठीक से इलाज नहीं हो पाया, तो वे आगरा भेजकर उनका सही इलाज कराएंगे.
इरफान अंसारी ने कहा कि चुनाव हारने के बाद सीपी सिंह बौखला गये हैं. नगर विकास मंत्री होते के नाते उन्होंने पूरे राज्य को बर्बाद कर दिया. अब विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से वे मांग करेंगे कि नगर विकास मंत्री रहते उनके कामों की जांच करायें. इसी डर से सीपी सिंह मानसिक संतुलन खो चुके हैं.
इरफान के बयान पर सीपी सिंह का पलटवार
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी के बयान पर सीपी सिंह ने कहा कि उनकी बातों को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं है. इरफान एक झोलाछाप डॉक्टर हैं और वह इसलिए जानते हैं कि जानवरों की आवाज कैसी होती है, क्योंकि वह उसी प्रजाति से आते हैं.
वहीं विधायक अनंत ओझा ने हेमंत सरकार पर आरोप लगाया है कि नेता प्रतिपक्ष को स्थान नहीं दिए जाने के पीछे सरकार का राजनीतिक दबाव है. एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि इसके पीछे का पूरा खेल राज्यसभा चुनाव को लेकर सरकार का राजनीतिक दबाव बनाना है.
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बीजेपी विधायकों को देख भड़के स्पीकर
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के सभी विधायक पोस्टर पहन कर आ गये थे. उस पोस्टर पर, नेता प्रतिपक्ष को स्थान नहीं दिए जाने, बेरोजगारों महिलाओं को धोखा देने, सहित मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना बंद कर राज्य के किसानों को धोखा देने का आरोप सरकार पर लगाया गया था.
स्पीकर बीजेपी विधायकों को पोस्टर पहने देखकर भड़क गये और कह डाला कि सदन को मजाक मत बनाइये. साथ ही कहा कि कार्यवाही करने पर मजबूर ना करें विधायक.
इरफान को ये चीजें संस्कार में मिलीं
पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने इरफान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि जनता जीताकर भेजती है, और सदन में आकर इस तरह की चीजें करते हैं. साथ ही कहा कि इरफान अंसारी को संस्कार में ही यह चीजें मिली हैं. इससे आगे चंद्रवंशी ने कहा कि उनके पिता फुरकान अंसारी भी अक्सर ऐसी बयानबाजी करते थे इसलिए उन्हें यह सारी चीजें संस्कार में मिली है.
सदस्यता रद्द करें – नीलकंठ सिंह मुंडा
वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे के बीच इरफान अंसारी अपनी बात रखने के लिए उठे. लेकिन बीजेपी के विधायक इरफान की बात सुनने को तैयार नहीं थे. सभी हंगामा कर रहे थे. उसी वक्त स्पीकर ने बीजेपी विधायकों से इरफान की बात सुनने की अपील की, लेकिन हंगामा होता रहा.
इसी हंगामे के बीच बीजेपी विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने स्पीकर से कहा कि इरफान अंसारी के बयान पर कार्रवाई करें. साथ ही कहा कि या तो इरफान की सदस्यता रद्द करें या फिर बीजेपी के सभी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दें.
भानू पर दिया विवादित बयान
वहीं भानू प्रताप शाही ने इरफान अंसारी पर आरोप लगाया कि, उन्होंने सदन के बाहर मुझ पर बंधु तिर्की के सामने बयान दिया है. भानू ने मीडिया के सामने कहा कि, उनके बारे में इरफान ने कहा है कि भानू तुम हेमंत सरकार के निशाने पर हो. उस दौरान बंधु तिर्की वहीं खड़े थे. हालांकि पूरे मामले पर बंधु ने अपना पल्ला झाड़ लिया.
जबकि इरफान अंसारी के बयान पर प्रदीप यादव ने कहा कि किसी भी विधायक को ऐसे बयान से बचना चाहिए. लेकिन यह मामला सदन के बाहर का है, इसलिए सदन के अंदर इस पर चर्चा करना उचित नहीं है. इसके लिए और भी संवैधानिक संस्थान है उनका सहारा लिया जाना चाहिए.
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अनंत ओझा ने सरकार पर लगाया आरोप
विधायक अनंत ओझा ने हेमंत सरकार पर बेरोजगारी भत्ता के नाम पर बेरोजगारों को धोखा देने, ₹1 में महिलाओं के लिए जमीन रजिस्ट्री बंद कर महिला सशक्तिकरण को रोकने और मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को बंद कर किसानों को भी धोखा देने का भी आरोप लगाया.
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