
Ranchi: राजधानी रांची के टाटीसिल्वे इलाके में 3 मार्च की शाम को जमीन कारोबारी अनिल कुमार उर्फ कल्लू यादव हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार शूटर का नाम अभिषेक पासवान उर्फ छोटू है और वह हजारीबाग जिले का रहने वाला है. वहीं इस कांड का मुख्य साजिशकर्ता सुनील यादव फरार है. शूटर अभिषेक पासवान उर्फ छोटू जमीन कारोबारी सुनील यादव से रोजगार मांगने गया था, उसी बीच जमीन कारोबारी सुनील यादव ने अनिल कुमार उर्फ कल्लू यादव की हत्या कर देने की बात बताया था. इस कांड को अंजाम देने के लिए तीन लाख रुपये का सौदा किया गया था.
वर्चस्व बनाना चाहता था सुनील, पहले भी कल्लू से हुआ था विवाद
सुनील टाटीसिल्वे इलाके में जमीन का कारोबार करता है और वह अपना वर्चस्व बनाना चाहता था. हालांकि कल्लू के सामने उसकी एक नहीं चलती थी. पूर्व में भी सुनील और कल्लू के बीच कहासुनी हो चुकी थी लेकिन कल्लू को भारी पड़ता देख सुनील को ही हमेशा पीछे हटना पड़ता था. सुनील के जमीन कारोबार में कल्लू रोड़ा बन रहा था. यही वजह है कि पिछले कुछ माह से लगातार सुनील अपनी प्रतिद्वंदी कल्लू की हत्या करने का प्लान बना रहा था. इसी दौरान अचानक शूटर अभिषेक उसके पास काम मांगने पहुंचा जिसके बाद कल्लू की हत्या का जिम्मा सौंप दिया. शूटर अभिषेक ने भी कार्य को स्वीकार करते हुए गोली मारने के लिए तैयार हो गया था जिसके बाद 3 लाख में सौदा तय हुआ था.
वेस्ट फालिया फैक्ट्री में भी था कल्लू का दबदबा, यूनियम में सुनील को नहीं मिलता था जगह
टाटीसिल्वे में बंद पड़ा वेस्ट फालिया फैक्ट्री में कल्लू और सुनील का अक्सर आना-जाना होता था. हालांकि वहां भी कल्लू का ही दबदबा था. हालांकि सुनील अपना सिक्का चलाना चाहता था. सुनील अक्सर वेस्ट फालिया फैक्ट्री के युनियन में अपना स्थान बनाना चाहता था लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही थी. इन्हीं सब बातों से सुनील पिछले कुछ माह से लगातार परेशान था जिसके बाद कल्लू के हत्या सुनिश्चित करने पर वह तुला हुआ था.
शूटर का रहा है पुराना अपराधिक इतिहास, 3 माह से पुलिस कर रही थी तलाश
गिरफ्तार शूटर अभिषेक का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है. 3 माह पहले से अभिषेक का पुलिस तलाश कर रही थी लेकिन वह फरार था. 3 दिसंबर 2022 को ही अभिषेक ने नामकुम स्थित हाइटेंशन के समीप उपेंद्र पांडे पर गोली चलाया था और फरार हो गया था. उपेंद्र पांडे बाल-बाल बच गए थे, जिसके बाद पीड़ित ने प्राथमिकी दर्ज कराया था. वहीं लगभग 2 माह पहले भी अभिषेक अपने भाई के साथ मिलकर चुटिया स्थित केतारी बगान में चाकूबाजी किया था और अपने मकान मालकिन को ही चाकू मारकर घायल कर दिया था. इस चाकूबाजी कांड में भी पुलिस अभिषेक का तलाश कर रही थी लेकिन सफलता नहीं मिल पा रहा था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में अभिषेक ने कल्लू हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
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