
Palamu: पलामू से सटे गढ़वा जिले के रमकंडा बाजार में हुई भाजपा नेता गोपाल चौरसिया की सरेआम कुल्हाड़ी से काटकर हत्या मामले में आठ दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. वहीं प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गढ़वा राजेश शरण सिंह की अदालत ने शुक्रवार को एक मत होकर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने के आरोप में आठों दोषियों को यह सजा सुनाई.
इन्हें मिली सजा
सजा पाने वालों में रमकंडा थाना निवासी चंद्रभूषण कुमार उर्फ टुनु, उसके पिता महेंद्र प्रसाद, नागरिक संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद व इनके भाई बसंत प्रसाद, प्रदीप प्रसाद, सत्येंद्र प्रसाद, संदीप प्रसाद व लालदीप प्रसाद शामिल है.
कब हुई थी हत्या?
आपको बता दें रमकंडा के बाजार टोला निवासी भाजपा नेता गोपाल चौरसिया की 23 अक्टूबर 2019 की शाम करीब 5.15 मिनट पर रमकंडा बाजार में सरेआम दौड़ाकर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गयी थी. इस घटना के बाद भाजपा नेता की बेटी दीपा ने इन आरोपियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. वहीं हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए रमकंडा में आंदोलन किया गया था. वहीं सड़क जाम किया गया था. हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद कोर्ट ने इन्हें जमानत दी थी.
पुलिस को दिए बयान में दीपा ने बताया है कि चंद्रभूषण कुमार उर्फ टुनु, देवेंद्र प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, प्रदीप प्रसाद, सत्येंद्र प्रसाद, संदीप प्रसाद, लालदीप प्रसाद, बसंत प्रसाद उर्फ नन्हकू साव के अलावे तीन चार अज्ञात व्यक्ति पहुंचे. इस दौरान चंद्रभुषण व देवेंद्र प्रसाद के हाथ में एक-एक कुल्हाड़ी था. सभी काफी गुस्से में थे. सभी लोग उसके पिताजी को खोज रहे थे. घर पहुंचे उक्त लोगों ने घर के मुख्य दरवाजा पर दो टांगी मारा.गाली गलौज करते हुए चंद्र भूषण बोला कि पहले इस लड़की को ही काटते हैं तो देवेंद्र प्रसाद ने बोला कि चलो पहले इसके पिता को काटते हैं. उसके बाद लड़की को मारते हैं.
पिता के घर पर नहीं होने के कारण गाली गलौज करते हुए खोजने चले गए. इस दौरान दीपा ने पिता को फोन लगाया तो उनका फोन स्विच ऑफ बताया. कुछ देर के बाद संजय कुमार ने आकर बताया कि गोपाल प्रसाद चौरसिया को टांगी से मार कर उपरोक्त लोगों द्वारा हत्या कर दी गयी है. इस बयान के आधार पर रामकंडा थाना में थाना कांड संख्या 83/2019 दर्ज की गई. प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद पुलिस की छापेमारी से आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया.
क्यों हुई थी हत्या?
पुलिस अनुसंधान में यह बात प्रकाश में आया कि मृतक गोपाल प्रसाद का छोटा बेटा अनीश कुमार और महेंद्र प्रसाद की पुत्री के बीच प्रेम संबंध था और दोनों घर से भाग कर शादी कर लिए थे, जिस कारण दोनों पक्षों में विवाद था. इसी कारण इन आरोपियों ने गोपाल की हत्या कर दी थी. अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक जगदेव साहू एवं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ब्रिजदेव विश्वकर्मा ने पैरवी की.
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