
Ranchi: मांडर विधानसभा उपचुनाव के लिए रांची समाहरणालय में भाजपा प्रत्याशी गंगोत्री कुजूर ने सोमवार को नामांकन किया. भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रांची के विधायक सीपी सिंह, राज्य सभा के नव निवार्चित सांसद आदित्य साहू और आजसू प्रमुख सुदेश महतो नामांकन के दौरान उनके साथ थे. नामांकन के बाद जीत का दावा करते हुए गंगोत्री कुजूर ने कहा कि पार्टी ने उनपर विश्वास जताया है. उसपर खरा उतरने का प्रयास करूंगी. उन्होंने कहा कि भाजपा एक सामान्य कार्यकर्ता पर भरोसा करती है. लेकिन कांग्रेस परिवार वाद से बाहर नहीं निकल सकता.
साथ ही कहा कि कांग्रेस ने पूर्व विधायक बंधु तिर्की की पुत्री को टिकट देकर ये साबित कर दिया कि यह पार्टी परिवार के बाहर निकल ही नहीं सकती.

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भाजपा और कांग्रेस के बीच आर-पार का मुकाबला
झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से देखा जाए तो जितने भी चुनाव हुए है उसमें मांडर विधानसभा से कांग्रेस ने एक बार भी खाता नहीं खोला है. अलग राज्य बनने के बाद चार बार विधानसभा के चुनाव हुए. जिसमें तीन बार बंधु तिर्की ने जीत हासिल की, लेकिन उनकी पार्टी अलग-अलग रही. एक बार भाजपा यहां से अपना खाता 2014 के चुनाव में खोल पाई.
इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी गंगोत्री कुजूर ने बंधु तिर्की को परास्त किया था. लेकिन अगले ही चुनाव में भाजपा ने गंगोत्री का टिकट काटकर देव कुमार धान को मैदान में उतारा. नतीजा भाजपा को मुंह की खानी पड़ी.
इसमें कोई दो राय नहीं कि मांडर क्षेत्र बंधु तिर्की का गढ़ है और कांग्रेस ने उनकी पुत्री शिल्पी नेहा तिर्की को मैदान में उतारा है. यह भी सच्चाई है कि बंधु के विजय रथ को भाजपा की गंगोत्री कुजूर ने ही रोका था. जाहिर है मांडर विधानसभा उप चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच आर पार की लड़ाई होगी.
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नेहा ने पहली बार रखा है राजनीति में कदम
मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व कांग्रेस की ओर से शिल्पी नेहा तिर्की ने भी नामांकन किया था. नेहा तिर्की ने राजनीति में पहली बार कदम रखा है. वह बंधु तिर्की की पुत्री हैं. आय से अधिक संपत्ति मामले में सजा होने के कारण बंधु तिर्की की विधानसभा सदस्यता चुनाव आयोग ने रद्द कर दी थी. इसके बाद यह सीट खाली हो गया था.
नियमानुसार छह माह के भीतर चुनाव कराने का प्रावधान है. इसी के मद्देनजर मांडर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग उपचुनाव करा रहा है. कांग्रेस ने सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए बंधु तिर्की की पुत्री पर दांव खेला है. अब देखना यह है कि बिटिया बेड़ा पार लगाती है या नहीं. तस्वीर 26 जून को स्पष्ट हो जाएगी.
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