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रिसर्च और एकेडमिक एक्टिविटी को और बेहतर तथा स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए समूचे कैंपस में बाउंड्रीवाल तैयार करने में लगा बीआईटी मेसरा

Ranchi: बीआईटी मेसरा, रांची (BIT Mesra) ने अपने समूचे कैंपस को बाउंड्रीवाल से घेरने का फैसला लिया है। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गयी है. बीआईटी मेसरा के लालपुर स्थित कैंपस में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थान के रजिस्ट्रार डॉ सुदीप दास ने कहा कि 1955 में बीआईटी की स्थापना रांची में हुई थी. 780 एकड़ में फैले इस संस्थान ने एकेडमिक और रिसर्च वर्क को लेकर निरंतर कई प्रयास किये और उसका नतीजा है कि यह अब उच्च स्तर का एकेडमिक संस्थान बन चुका है. झारखंड सहित केरल, राजस्थान सहित देश भर के स्टूडेंट्स यहां अध्ययन के लिए आते रहे हैं. यह रेसिडेंशियल इंस्टीट्यूशन है जहां करीब 6000 स्टूडेंट्स और करीब 500 स्टाफ कैंपस के अंदर हॉस्टल और क्वार्टर में रहते हैं. 80% से अधिक स्टाफ तो लोकल ही हैं. यहां अब एकेडमिक और रिसर्च वर्क सहित अन्य एक्टिविटी के लिए और भी प्रयास होने हैं. ऐसे में फैकल्टी- नन फैकल्टी मेंबर्स, स्टूडेंट्स सहित अन्य की सेफ्टी भी महत्वपूर्ण है. जैसे यहां 1964 में स्पेस, इंजीनियरिंग और रॉकेट्री जैसा डिपार्टमेंट भी है जिसे देश में इसरो की स्थापना से भी पहले स्थापित किया गया था. इसके जरिए कई अहम और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण रिसर्च वर्क होते रहे हैं. डॉ दास ने बताया कि पूर्व की अपेक्षा हालिया समय में सुरक्षा के नजरिए से चैलेंज बीआईटी मेसरा परिसर में बढा है. बीआईटी परिसर के आसपास बने रिंग रोड, गर्ल्स स्टूडेंट्स से छेड़खानी, मोटरसाइकिल, लैपटॉप वगैरह की चोरी और अन्य घटनाओं के चलते ऐसी स्थिति हो गयी है कि कैंपस की पूरी तरह घेराबंदी करनी ही होगी. कुछ स्थानीय लोग बीआईटी परिसर की जमीन पर अपना मालिकाना हक जताने लगे हैं जबकि संस्थान के पास जमीन के पूरे कागजात हैं. जिला प्रशासन रांची के पास भी इसका रिकॉर्ड है. जमीन विवाद मामले में अमीन, मजिस्ट्रेट के सहयोग के बावजूद बीआईटी परिसर की जमीन को लेकर कुछ लोग अवैध तरीके से अवांछित गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं जो चिंताजनक है. फिलहाल बीआईटी परिसर के चारों ओर पिछले कुछ समय से बाउंड्रीवाल को लेकर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. मौके पर डॉ कीर्ति अभिषेक, प्रो माणिक कुमार, प्रो अर्चना मुखर्जी सहित अन्य भी उपस्थित थे.

इन घटनाओं ने बढाई चिंता

बीआईटी के सुरक्षा अधिकारी बी कुमार ने बताया कि वे कई सालों से बीआईटी की सुरक्षा का काम देख रहे हैं। पिछले कुछ समय से कुछ मसलों के चलते चैलेंज हो रहा है. बंदूक, चाकू लेकर कैंपस में बाहरी लोगों का प्रवेश, साइकिल, बाइक की चोरी, खिड़की तोड़कर लैपटॉप और अन्य सामान की चोरी जैसी बढती घटनाएं कुछ उदाहरण हैं. कुछ स्थानीय लोग गांव वालों को उकसाने में लगे हैं और बीआईटी की जमीन पर दावा कर रहे हैं जो अवैध है. संस्थान किसी अन्य विषय में उलझना नहीं चाहता. ऐसे में संस्थान की सुरक्षा, एकेडमिक क्वालिटी और अन्य गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए बाउंड्रीवाल तैयार करेगा.

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