
Patamda : छठ पूजा पर पहली बार पटमदा के बिड़रा गांव के तालाब में गांव के लोगों को अर्घ्य के समय शामिल होते हुए देखा गया. अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने व गुरूवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा को यहां के ग्रामीणों ने करीब से देखा और सूर्य भगवान को नमन किया. जमशेदपुर शहर से आये एक परिवार के सदस्यों ने छठ पूजा करते हुए लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया. खासकर बच्चों में पूजा कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखा गया. छठ व्रती संजय सिंह ने बताया कि यह पर्व करने का संस्कार उनके माता-पिता से ही आया है. चूंकि यह पर्व महापर्व कहलाता है व नियम काफी कठिन है और साफ सफाई का अत्यंत ही महत्व है. अगले वर्ष से अपने पड़ोसियों को भी लेकर अधिक संख्या में यहां पहुंचेंगे और पूजा करेंगे.
तालाब की पहले की गई थी सफाई
ग्रामीणों ने बिड़रा निवासी स्वपन कैवर्त के नेतृत्व में तालाब के घाट की साफ-सफाई से लेकर अन्य व्यवस्था में काफी मदद की. साथ ही उनलोगों के ठहरने के लिए ग्राम संसद भवन में व्यवस्था की गई थी.
इन्हें ठहराया गया
इसमें बर्मामाइंस निवासी छठ व्रती संजय सिंह, ममता सिंह, अमित कुमार, मौसम सिंह, अंजली सिंह, निशिकांत सिंह, राजू सिंह, विद्या सिंह, मुस्कान सिंह, सिद्धार्थ सिंह, प्रगति सिंह, करण सिंह, संध्या व रघुराज प्रताप सिंह शामिल हुए. मौके पर बिड़रा पंचायत के मुखिया आदित्य माहली, ग्राम प्रधान विकास महतो, जिला पार्षद प्रतिनिधि सनत महतो, पंसस निर्मल रजक, राजू मंडल आदि लोग शामिल थे.

बेलटांड़, पटमदा व बांगुड़दा तालाब में भी दिया गया अर्घ्य
पटमदा के बेलटांड़ स्थित रहरगाड़िया तालाब अर्घ्य दिया गया. यहां लावा, बेलटांड़ व ब्लॉक कॉलोनो के करीब डेढ़ दर्जन परिवारों ने छठ पूजा की. पटमदा बीडीओ पीयूषा शालीना डोना मिंज, पटमदा थाना के अवर निरीक्षक मुकेश कुमार यादव, सहायक अवर निरीक्षक बीरेंद्र कुमार, कमेटी के गोपाल कुमार, विजय कुमार पंडित, राजेश कुमार, विवेक कुमार, मिथिलेश तिवारी, मनोज कुमार सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, शिवकुमार साव, सुरेश रजक, सुनील कुमार, नीरज शर्मा, चंदन सिंह आदि सक्रिय रहे. इसमें लावा, गोबरघुसी, जाल्ला, पाथरडीह, खेडुआ, बामनी, गाड़ीग्राम, जोड़सा व जामडीह आदि गांवों से लोग पहुंचे थे. लावा निवासी भरत साहू ने बताया कि वर्तमान में यह छठ घाट छोटा पड़ जाने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावे पटमदा बड़ा तालाब व बांगुड़दा स्थित साहेबबांध में भी उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया.
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