
Ranchi: अशोक विहार के 23 घर के निवासियों को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने सर्किल ऑफिसर, रांची द्वारा अशोक विहार के निवासियों को घर खाली करने के 11 मार्च 2023 के आदेश पर रोक लगा दी. कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव एवं शिवानी जालूका ने पैरवी की.
सर्किल ऑफिसर ने 27 मार्च तक रांची के अशोक विहार के 23 घर के मालिकों को जमीन खाली करने का आदेश दिया था. दरअसल, राजू तिर्की एवं सुक्रा तिर्की के पूर्वजों ने जमींदार को जमीन दी थी. जमींदार ने तुलसी साहू के फेवर में यह जमीन दी थी. तुलसी साहू ने वर्ष 1944 में इसे अशोक विहार कोऑपरेटिव सोसायटी को जमीन बेच दी थी. राजू तिर्की और सुक्रा के द्वारा वर्ष 2001 में सीएनटी एक्ट का हवाला देते हुए अशोक विहार की जमीन का पोजीशन दिलाने का आग्रह एसएआर कोर्ट से किया गया था. इनका कहना था कि जमीन हमारी है, हम इसके ओरिजिनल रैयत है, इसलिए जमीन हमारे हवाले किया जाए. जिस पर एसएआर कोर्ट ने वर्ष 2022 में इनकी बातों को सही बताते हुए इन्हें पोजीशन दिलाने का निर्देश दिया था. प्रार्थी अशोक विहार के 23 निवासियों की ओर से हाईकोर्ट को सुनवाई के दौरान बताया गया की वर्ष 1944 में जमीन अशोक विहार कोऑपरेटिव सोसायटी को बेची गई थी. जमीन पर 57 साल बाद दावा करना गलत है. प्रार्थी की ओर से एसएआर कोर्ट के द्वारा अशोक विहार को-ऑपरेटिव सोसायटी की जमीन को खाली करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.
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