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रांची में ईडी की बड़ी कार्रवाई, सरावगी बिल्डर्स के नौ ठिकानों पर एक साथ रेड, 3.41 करोड़ कैश बरामद

Ranchi : प्रवर्तन निदेशालय ने तीन बैंकों से लोन लेकर 75 करोड़ का एनपीए करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को ईडी की टीम ने एक साथ सरावगी ब्रदर्स एंड डेवलपर्स से जुड़े मामले में रांची के अलग-अलग बिल्डर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के 9 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान ईडी ने 3 करोड़ 41 लाख रुपये बरामद हुए. इनमें से तीन करोड़ रांची के इलिका इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संतोष जैन के फ्लैट से मिले, जबकि बिल्डर गौतम मोदी के फ्लैट से 41 लाख रुपये बरामद किए. ये दोनों मेन रोड स्थित बेलएयर अपार्टमेंट में रहते हैं.

बैंक घोटाले मामले में कार्रवाई

ईडी के अधिकारियों के मुताबिक टीम ने बिल्डर ज्ञान सरावगी के कांके रोड स्थित स्वाई विला में भी छापेमारी की. ईडी ने मौके से बैंक खातों से जुड़े कागजात, निवेश से जुड़े पेपर समेत कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं. ईडी की टीम ने इलिका इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संतोष जैन और आकाश अडुकिया के यहां से भी महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं.

2018 में सीबीआई ने दर्ज किया था केस

Sanjeevani

ईडी की टीम ने किशोरगंज चौक में समृद्धि अपार्टमेंट में सरावगी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के कार्यालय में भी छापा मारा. ईडी की टीम एसजी एक्सोटिका के संचालक गौतम मोदी और सुभाष मोदी के ब्लेयर अपार्टमेंट और पलाश अपार्टमेंट स्थित ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई. वहां से भी पुलिस ने कागजात बरामद किया. बैंक लोन घोटाले में ईडी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट अनीश अग्रवाल के एसजी एक्सोटिका स्थित आवास पर भी छापा मारा. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं. करोड़ों के निवेश के सबूत भी मिले हैं. जब्त सारे कागजातों का सूक्ष्मता से अध्ययन किया जा रहा है.

अलग-अलग बैंकों से 75 करोड़ से अधिक लोन लिए

रांची में बैंक ऑफ इंडिया की लालपुर शाखा समेत अलग अलग बैंकों से सरावगी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने 75 करोड़ से अधिक लोन की निकासी की थी. इसके बाद सीए अनीश अग्रवाल की मदद से बिल्डर्स ने लोन के पैसों को अलग अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया था. इस मामले में सीबीआई ने पूर्व में केस दर्ज कर चार्जशीट दायर की थी. सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर ईडी ने इस केस में अलग से मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी ने इस केस में नौ ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की.

तीन बैंकाें का 75 कराेड़ हुआ था एनपीए

ईडी के सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक सरावगी बिल्डर्स के अमित सरावगी और उनके चाचा ज्ञान सरावगी आदि ने मिलकर बैंक ऑफ इंडिया, यूकाे बैंक और यूनाइटेड बैंक से लाेन लिया था. इसके बाद 75 कराेड़ रुपए एनपीए हाे गया था. इस मामले में सीबीआई ने वर्ष 2018 में एफआईआर दर्ज की थी. बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ही वर्ष 2019 में ईडी ने मनी लाउंड्रिंग के तहत केस दर्ज किया. इसके बाद से ईडी भी मामले की जांच कर रही है.इसी कड़ी में यह छापेमारी की गई है.

आयकर विभाग अलग से करेगा कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने जब्त नगदी के संबंध में बिल्डर्स से पूछताछ भी की है. लेकिन इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक दोनों बिल्डर के यहां मिले नगदी के संबंध में आयकर विभाग को पत्र लिखा जाएगा, आयकर विभाग अलग से इस मामले में कार्रवाई करेगा.

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