
Bermo: बोकारो जिला के उग्रवाद प्रभावित ऊपरघाट स्थित पेंक नारायणपुर थाना अंतर्गत पलामू पंचायत के रसबेड़वा जंगल में कोयला की अवैध सुरंग में चाल धंसने से 10 मजदूरों के दबने की सूचना है. घटना के बाद सुरंग से दो का शव कोयला के अवैध कारोबारियों तथा ग्रामीणों ने आनन-फानन में निकाला और लेकर भाग गये. घटना रविवार रात्रि की बतायी जाती है. मंगलवार को घटना प्रकाश में आने के बाद पुलिस एवं अन्य ग्रामीण हरकत में आये. ग्रामीणों के अनुसार रविवार की रात रसबेड़वा जंगल में बनी कोयला की अवैध सुरंग में कोयला काटने के लिए 20-25 मजदूर गये थे. कोयला काटने के दौरान रात लगभग ग्यारह बजे अचानक कोयला की चाल धंस गयी, जिसमें 12 कोयला काटने वाले मजदूर दब गए, जबकि बाकी मजदूर किसी तरह निकल पाने में कामयाब रहे. इसकी सूचना मिलने के बाद आनन-फानन में अवैध कोयले के कारोबारी दो मजदूरों का शव निकाल ले गये. बाकी दस मजदूर अब भी खदान में दबे हुए हैं.
सुरंग का मुंह बंद किया
कोयला के धंधेबाजों ने पुलिस द्वारा शवों को सुरंग से निकाले जाने तथा मुकदमा दर्ज होने के डर से कोयला सुरंग के मुहाने को बंद कर दिया है. बताया जाता है कि सभी दबने वाले मजदूर तुपकाडीह और चलकरी के रहने वाले हैं. इस संबंध में पुलिस को जब सूचना मिली तो पुलिस हरकत में आयी और घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जांच की. पुलिस घटना को लेकर कुछ भी बताने से इंकार कर रही है. गांधीनगर थाना प्रभारी आरबी सिंह ने घटना के बारे में कहा कि मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है. बेरमो सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत का कहना है कि घटना के बारे में जानकारी नहीं है. इस प्रकार की घटना घटी है तो मामले में कार्रवाई की जायेगी.

कोयला ढोने में व्यस्त थे कारोबारी
एक ओर पुलिस घटनास्थल पर दबे ग्रामीणों की जांच करने में जुटी थी तो दूसरी ओर कोयला के कारोबारी बाइक से कोयला को ढोने में व्यस्त थे. बोकारो थर्मल थाना अंतर्गत लुकूबाद, अरमो, नयीबस्ती, गोविंदपुर, गांधीनगर के सोता पानी, पेंक नारायणपुर के पिलपिलो, पलामू आदि स्थानों पर कोयला का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. कोयला को बाइक के द्वारा विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाता है.
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