
Ranchi : झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में खनिज संपदा, वन सम्पदा और श्रम सम्पदा की लूट मची थी, वह आज जब बंद होता दिख रहा तो वे तिलमिला उठे हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से पूछा कि कोयला माइनिंग की निजी कंपनियों में आखिर किस तरह से उनके परिजनों को पार्टनरशिप दिलायी जाती थी. वो बतायें कि ये शेखर अग्रवाल कौन है? उनका इनके साथ क्या रिश्ता है? उनके परिजन शेखर अग्रवाल के दोस्त कैसे हो गये.
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सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सभी जानते हैं कि किस तरह से निजी कंपनियों पर फर्जी केस करा कर पूर्व सीएम अपना काम साधते थे. अपने कार्यकाल में निजी कंपनियां, जिसे सरकार द्वारा लीज दिया गया था, उस पर फर्जी केस किया जाता था. इसका स्पष्ट उदाहरण बोकारो का ग्रेड माइनिंग है. इसी तरह शाह ब्रदर्स को लाभ पहुंचाने के लिए किस तरह से टाटा स्टील पर उनका बकाया खत्म किया गया था. उनके शासनकाल में जमीन के नीचे और ऊपर के संसाधनों को कौड़ी के दाम में अडाणी, टाटा, शाह ब्रदर्स को बेच दिया गया. लेकिन सेल को कोई मदद नहीं पहुंचायी.
उन्होंने कहा कि झारखंड को पूरी तरह से बर्बाद करने का काम रघुवर दास सरकार ने किया है. किस तरह संविदा के नाम पर भर्ती में बाहरी लोगों को बहाल किया जाता था. आज सरकार जब परमानेंट नियुक्ति को लेकर काम कर रही, तो उनके पेट में दर्द हो रहा है. आज हेमंत सरकार आदिवासी-मूलवासियों को परमानेंट नियुक्ति दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रघुवर दास हो, दीपक प्रकाश या बाबूलाल मरांडी हों, सभी नेता हेमंत सरकार की उपलब्धि को नहीं पचा पा रहे हैं.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद रवींद्र राय आदिवासी-मूलवासी के पूर्व घोषित कार्यक्रम को उकसाने के लिए वहां पहुंचे थे, जिस वजह से उनके साथ इस तरह की घटना घटी. जेएमएम नेता ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की वकालत की. इससे यह पता चल जायेगा कि पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय के द्वारा लोगों को भड़काया गया था. जिस वजह से उनके साथ इस तरह की घटना घटी.
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