
Kumar Saurav
पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बेस कैंपों पर एयर स्ट्राइक कर यह संदेश दिया है कि अब आतंकवाद को बर्दाश्त करने की सीमा पार हो चुकी है और इसे खत्म करने के लिए जो भी कदम उठाने होंगे, भारत उससे पीछे नहीं हटेगा. 26 फरवरी को तड़के 3.30 बजे भारतीय वायुसेना ने पाक अधिकृत कश्मीर और पाक के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बेस कैंपों पर एयर स्ट्राइक की. मिराज 2000 विमानों से सधी हुई कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना के पायलटों ने मौलाना मसूद अजहर के रिश्तेदार यूसुफ अजहर के द्वारा चलाये जा रहे कैंप को ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई में यूसुफ अजहर के भी मारे जाने की खबर है.
सधी और संक्षिप्त जानकारी
भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव बीके गोखले ने भारत की इस कार्रवाई की बड़ी सधी और संक्षिप्त जानकारी दी. उनका यह कहना कि भारत ने आतंक के खिलाफ कार्रवाई की है और इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि किसी भी आम नागरिक को इसमें कोई नुकसान न पहुंचे. भारत सरकार ने इस कार्रवाई को आतंक के खिलाफ कार्रवाई कहा है. इससे यह साफ है कि यह किसी भी प्रकार से जंग नहीं है.
जंग कैसे घोषित होती है
जंग की तीन सूरतें होती हैं. पहला यह कि कोई सेना किसी दूसरे देश की सेना पर हमला करे. दूसरा यह कि किसी देश की सेना दूसरे देश के नागरिकों की हत्या करे औऱ तीसरा यह कि किसी देश की सरकार जंग का ऐलान करे. भारतीय वायुसेना द्वारा की गयी कार्रवाई इन तीनों में से कोई भी हालात पैदा नहीं कर रही है. यह साफ है कि यह कार्रवाई सिर्फ आतंक के खिलाफ है. ऐसे में पाकिस्तान के पास यह कहने का कोई कारण नहीं है कि भारत ने जंग छेड़ी है.
क्या कर सकता है पाकिस्तान
भारतीय वायुसेना द्वारा की गयी कार्रवाई के आलोक में पाकिस्तान में बड़ी हलचल है. पाकिस्तान सरकार पर इस बात का दबाव है कि वह इसका जवाब दे. पाक की सरकार पर सेना का भी दबाव है और दूसरी तरफ अवाम को यह दिखाना है कि वह भारत से ‘बदला’ ले सकता है या भारत की किसी भी कार्रवाई का जवाब दे सकता है. एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के पास सीमित विकल्प हैं. या तो वह सीधे तौर पर जंग की घोषणा कर दे, जिसकी गुंजाइश कम है. दूसरा यह कि वह सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर नागरिकों और सेना पर गोलीबारी करे. या फिर वह उन्हीं फिदायीनों का सहारा ले सकता है जो छिप कर हमले करते हैं.
भारत ने आतंकी कैंपों के बारे में जानकारी दी
भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव बीके गोखले ने भारत सरकार की ओर से की इस कार्रवाई का स्पष्टीकरण प्रेस कांफ्रेंस कर दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि भारत ने पूरी दुनिया को यह बताया कि आतंक के खिलाफ भारत कार्रवाई कर सकता है. साथ ही यह भी साफ किया कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ आतंकी बेस कैंपों को नष्ट करना था. इसमें यह खास ख्याल रखा गया कि किसी भी आम नागरिक को नुकसान न हो. पाकिस्तान यदि इस बात से इनकार करता है तो उसके लिए यह मुश्किल भी खड़ी हो जायेगी कि वैश्विक स्तर पर धारणा बनेगी कि वह आतंक का पोषक है. आतंक के खिलाफ कार्रवाई करने में उसे दिक्कत है.
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