न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वेतन पर सालाना खर्च 261.97 करोड़, राजधानी समेत नौ जिलों के वन क्षेत्र में वृद्धि नहीं

बोकारो, धनबाद, कोडरमा और लोहरदगा में एक भी वृद्धि नहीं, दुमका में तीन, पाकुड़ में एक और पश्चिमी सिंहभूम में दो फीसदी की कमी

392

Ranchi : वन विभाग राज्य को हरा भरा रखने के लिये कई योजनाएं चला रहा है. मुख्यमंत्री जन वन योजना, पौधारोपण, हरियाली योजना सहित अन्य योजनाएं चल रही हैं. हकीकत यह है कि ये योजनाएं सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गयी हैं. राज्य में नौ जिलों के वन क्षेत्र में काफी कमी आई है. राजधानी में सबसे अधिक आठ फीसदी की कमी आई है. दुमका में तीन, पाकुड़ में एक और पश्चिमी सिंहभूम में दो फीसदी की कमी आई है. वहीं बोकारो, धनबाद, कोडरमा और लोहरदगा में एक फीसदी भी वन क्षेत्र में वृद्धि नहीं हुई है. इसका खुलासा देहरादून फॉरेस्ट इंस्टीट्यूट की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है. हाल यह है कि अफसरों और कर्मियों के वेतन में सालाना खर्च 261.97 करोड़ रुपये है. इसके अलावा अन्य भत्ते भी मिलते हैं.

इसे भी पढ़ें- तमिलनाडू से झारखंड आनेवाली 50 मेगावाट विंड एनर्जी के दावे फेल, सोमवार तक मिलनी थी बिजली, लेकिन अबतक हो रही टेस्टिंग

अफसर बढ़ते गये, वन क्षेत्र घटते चले गये

प्रदेश में वन क्षेत्र का हाल यह है कि अफसर बढ़ते गये और वन क्षेत्र घटते चले गये. नये कैडर रिव्यू के अनुसार राज्य में आईएफएस के पदों की संख्या 142 है. इसमें चार प्रधान मुख्य संरक्षक रैंक के अफसर पदस्थापित हैं. नौ अपर प्रधान मुख्य संरक्षक रैंक के अफसर हैं. 15 मुख्य वन संरक्षक, 21 वन संरक्षक और 39 उप वन संरक्षक हैं. इसके अलावा सहायक वन संरक्षक के 156, क्षेत्रीय वन पदाधिकारी के 383, वनरक्षी के 3883 और वनपाल के 1062 पद हैं.

कर्मचारी घटते चले गये

एक ओर आईएफएस अफसर बढ़ते चले गये वहीं कर्मचारी घटते चले गये. राज्य वन सेवा के 156 पदों में सिर्फ 55 पद पर ही कार्यरत हैं. 101 पद खाली पड़े हैं. वन क्षेत्र पदाधिकारी 383 में 229 पदों पर ही कार्यरत हैं. 154 पद रिक्त हैं. वनपाल के 1062 पद में 131 में ही वनपाल हैं. 931 पद रिक्त हैं. वनरक्षी के 3883 पद में 2385 पर ही वनरक्षी कार्यरत हैं. 1498 पद रिक्त हैं.

इसे भी पढ़ें- लेटर नहीं लिखती तो मैं सुसाइड कर लेतीः डिप्टी कलेक्टर दीपमाला

जानिये वन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों पर होने वाला खर्च

वेतन- 261.97 करोड़
मजदूरी- 1.77 करोड़
छुट्टी यात्रा रियायत- 79 लाख
देशी यात्रा रियायत- 2.31 करोड़
कार्यालय खर्च- 2.74 करोड़
किराया व अन्य- 67 लाख
मशीन उपकरण- 43 लाख
प्रचार-प्रसार व सेमिनार- 53 लाख
आपूर्ति एवं सामग्री- 1.73 करोड़
व्यवसायिक सेवा- 93.22 लाख
पुस्तकालय- पांच लाख
दूरभाष- 89. 37 लाख
वर्दी- 98 लाख
प्रशिक्षण पर खर्च – 1.10 करोड़
बिजली- 1.60 करोड़
मोटरगाड़ी इंधन- 3.97 करोड़
मरम्मत व सुसज्जितकरण-54 लाख
मुआवजा- 10 करोड़
विधि प्रभार- 73 लाख
क्रीड़ा प्रोत्साहन- 35 लाख
जेनरेटर का इंधन- 45 लाख

palamu_12

इसे भी पढ़ें- दीपमाला के खुले पत्र पर सीएम गंभीर, दोनों अफसरों से सरकार मांगेगी जवाब, होगी कार्रवाई

जानिये वन विभाग की योजनाएं और उनपर खर्च होने वाली राशि

  • अधिसूचित वन क्षेत्र में पौधारोपण- 125.18 करोड़.
  • अधिसूचित वन क्षेत्र के बाहर पौधारोपम: 66 करोड़.
  • मुख्यमंत्री जन वन योजना- 11 करोड़.
  • जलवायु परिवर्तन- तीन करोड़.
  • वन्य प्राणी संरक्षक- 21.25 करोड़.
  • स्थायी पौधशाला- चार करोड़.
  • लघु पदार्थ उन्नयन- 16.50 करोड़.
  • वन प्रबंधन- 20 करोड़.
  • प्रशिक्षण व प्रचार- 13 करोड़.
  • सिल्वीकल्चर- 20 करोड़.
  • वन सीमा और अभिलेखों का डिजिटाइजेशन- 20.55 करोड़.
  • इको टूरिजम्म- आठ करोड़.
  • वन कार्यालय आधुनिकीकरण- चार करोड़.

इसे भी पढ़ें- गिरिडीह लोकसभाः 2500 परिवारों से रोजगार छिन गया, मजदूरों के साथ भी हुआ अन्याय, पार्टी कार्यकर्ता भी हुए नाराज

वन प्रमंडल / जिला क्षेत्रफल (वर्गकिलोमीटर में) कितनी वृद्धि

रांची –                      7698     (-8%) 
साहेबगंज –               1834     (01%)
बोकारो –                  1929     (00%)  
चतरा –                     3732     (01%)
देवघर –                    2479     (01%)
धनबाद –                  2996      (00%)
दुमका –                   6212      (-3%)
गढ़वा –                    4092      (02%) 
गिरिडीह –                4963      (-7%)
गोड्डा                       2110      (04%) 
गुमला –                   9077      (03%)
हजारीबाग –             5998      (05%)
कोडरमा –               1435      (00%)
लोहरदगा –              1491      (00%)
पाकुड़ –                  1571       (-1%)
पलामू –                   8657       (08%)
पश्चिमी सिंहभूम –       9907       (-2%)
पूर्वी सिंहभूम –          3533       (01%)

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: