
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में हो रहे पुनर्विकास व जन सुविधाओं के निर्माण पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है. इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि जगन्नाथ मंदिर का परिक्रमा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य बंद नहीं होगा. निर्माण पर रोक के लिए दो याचिकाएं दायर की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करने के साथ ही दोनों याचिकाकर्ताओं पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
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सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और हिमा कोहली की वैकेशन बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जनहित में निर्माण कार्य आवश्यक है और इसे जारी रखा जाना चाहिए. मंदिर में विकास व जन सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार की ओर से विकास कार्य करवाया जा रहा है. अरधेंदु कुमार दास व अन्य ने याचिका दायर कर मंदिर के पास ओडिशा सरकार द्वारा अवैध खुदाई का आरोप लगाया था. याचिका में कहा गया था कि राज्य की एजेंसियों ने प्राचीन स्मारकों से जुड़े अधिनियम की धारा 20 ए का उल्लंघन किया है. इससे प्राचीन मंदिर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.
मालूम हो कि ओडिशा सरकार जगन्नाथ मंदिर के साथ ही मां सरला मंदिर के भी सौंदर्यीकरण का काम शुरू कराया है. इसके लिए राज्य सरकार ने 42 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. साथ ही मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सरला मंदिर के लिए 42 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज आवंटित किया है. यह प्रोजेक्ट एक साल के भीतर पूरा किया जाएगा.
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