
Ranchi : चार दिनों से चल रहे राजनीतिक उठापठक के बीच सोमवार को झारखंड मंत्रालय में रौनक रही. सरकार पर आये संकट को दरकिनार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित उनके कैबिनेट के मंत्रियों ने मोर्चा संभाला और सचिवालय पहुंच कर कुछ कामकाज भी किया. स्थिति सामान्य रही. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रोजेक्ट भवन सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में बैठे और महत्वपूर्ण फाइलों का भी निपटारा किया. सीएम के सचिवालय में रहने से अधिकांश विभाग के कामकाज में भी तेजी देखी गयी. पथ निर्माण, कार्मिक विभाग, कैबिनेट, ग्रामीण विकास, वित्त विभाग सहित अन्य कार्यालयों में अफसर-कर्मी फाइलें लेकर इधर-उधर करते दिनभर नजर आये. कुछ संचिकाएं सीएम की मंजूरी के लिए भी भेजी गयीं. मुख्यमंत्री के सचिवालय में रहने की वजह से उनसे मिलने भी कई आंगतुक पहुंचे. बैठकों का भी दौर चला. इधर,ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम भी प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कार्यालय में पहुंचे. उनसे मिलने विभागीय सचिव डॉ मनीष रंजन भी गये. महगामा के विधायक उनसे मिलने आये. कई महत्वपूर्ण फाइलों को इन्होंने भी निपटाया. इधर, दिन में ही स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी नेपाल हाउस स्थित अपने कार्यालय पहुंचे. उन्होंने कई महत्वपूर्ण फाइलों और कार्यों का निष्पादन किया.
विरोधी चाहे कितना भी दम लगा लें, न हम डरेंगे, न झुकेंगे: बन्ना गुप्ता
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि विरोधी चाहे कितना भी दम लगा लें, न हम डरेंगे, न झुकेंगे, लड़े थे और लड़ेंगे. ऐसे में उन्होंने साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार एकजुट है और हर विषम परिस्थिति का सामना करने को तैयार है. बता दें कि, खनिज लीज आवंटन लेने के एक मामले में राज्य के मुख्यमंत्री की विधानसभा की सदस्यता खतरे में है. राज्यपाल की अनुशंसा और चुनाव आयोग की अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है. इस बीच विगत एक सप्ताह से ही सरकारी कार्यों की गति थम सी गयी थी. इसी बीच सोमवार को सरकारी कामकाज में अचानक तेजी देखी गयी.
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