
Jamshedpur: आदित्यपुर-जमशेदपुर में पेयजल व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी आदित्यपुर नगर निगम की ओर से किया जाने वाला है. अब तक आदित्यपुर शहर में जलापूर्ति व्यवस्था जैसे-तैसे चल रही है. इस वजह से जितनी आबादी तक जलापूर्ति होनी चाहिए थी, वह नहीं हो पा रही है. आदित्यपुर की बड़ी आबादी इससे वंचित रह जा रही है. आदित्यपुर में जलापूर्ति आबादी के हिसाब से काफी कम है.
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जनसुविधा केंद्र उठाते हैं शुल्क
गौरतलब है कि आदित्यपुर में पेयजल व स्वच्छता विभाग द्वारा जलापूर्ति संचालित की जा रही है. इस व्यवस्था के तहत करीब 8000 उपभोक्ताओं को जलापूर्ति करायी जा रही है. जिन उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था के तहत जलापूर्ति की जाती है. उससे पानी का शुल्क नगर निगम सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसियों द्वारा संचालित जन सुविधा केंद्र ले रहे हैं.
निगम के सूत्रों के मुताबिक, आदित्यपुर में वर्तमान में 40 फीसदी उपभोक्ता ही हैं, जो जलापूर्ति का टैक्स देते हैं. लेकिन कौन से उपभोक्ता हैं, जो टैक्स नहीं देते हैं, इसकी जानकारी आदित्यपुर नगर निगम के पास नहीं है.
अब ऐसे उपयोक्ताओं को चिन्हित करने के लिए नगर निगम होल्डिंग नंबर के आधार वाटर मैपिंग करायेगा. इससे पता चलेगा कि फोल्डिंग वाले व्यक्ति के पास पानी का कनेक्शन है या नहीं. वह पानी का शुल्क देता है या नहीं.
135 से 225 रुपये हैं वाटर टैक्स
आदित्यपुर में पानी का शुल्क 135 से 225 रुपये प्रति माह है. जानकारी के मुताबिक, पहले जलापूर्ति की व्यवस्था के साथ पानी का कनेक्शन देने, कनेक्शन काटने व पानी का शुल्क लेने के काम पेयजल और स्वच्छता विभाग करता था.
पर अब पानी का कनेक्शन देने को काटने तथा पानी का शुल्क लेने का काम नगर निगम जन सुविधा केंद्र के माध्यम से करता है. लेकिन मिली जानकारी के अनुसार, इस जन सुविधा केंद्र के पोर्टल पर सभी उपभोक्ताओं का डाटा नहीं है.
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