
Palamu: नक्सल उन्मूलन के लिए चलाये जा रहे ‘प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय मंगलवार को पलामू जिले के सुदूरवर्ती और झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित गांव पथरा पहुंचे. पथरा वह गांव है, जो कभी माओवादियों का गढ़ था. यहां एक वर्ष पहले पुलिस पिकेट स्थापित किया गया. अब धीरे-धीरे इस इलाके में विकास योजनाएं पहुंचायी जा रही हैं. डीजीपी के साथ एडीजी ऑपेरशन मुरारी लाल मीणा, सीआरपीएफ डीआईजी जयन्त पॉल, पलामू डीआईजी विपुल शुक्ला, एसपी इन्द्रजीत माहथा, सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट एडी शर्मा भी थे. सभी ने बच्चों व ग्रामीणों के साथ राष्ट्रीय गाना गाया और भारत माता की जय के नारे लगाए.
नक्सल अभियान की समीक्षा
डीजीपी डीके पांडेय आज रात पथरा पिकेट में ही बितायेंगे. पथरा में माओवादियों के खिलाफ अभियान की समीक्षा होगी. बता दें कि बिहार के औरंगाबाद के देव और चतरा के इलाके में नक्सलियों द्वारा हिंसक घटना को अंजाम दिये जाने के बाद डीजीपी का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसी इलाके में नक्सलियों के खिलाफ अभियान की रणनीति तय की जायेगी.
प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम में लिया हिस्सा
डीजीपी डीके पांडेय ने इस दौरान प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम में भी भाग लिया. डीजीपी ने आम ग्रामीणों से उनकी समस्या सुनी और समाधान के लिए पहल की. डीजीपी ने ग्रामीणों को सरकारी योजना की जानकारी भी दी. इस दौरान 500 से अधिक लोगो के बीच कंबल का वितरण किया. स्कूली बच्चों के बीच पठन-पाठन के सामान बांटे गये.
नक्सलियों के लिए रेड कॉरिडोर माना जाता है पथरा
पलामू जिला अंतर्गत हरिहरगंज प्रखंड क्षेत्र में पथरा मौजूद है. पथरा बिहार सीमा से महज 500 मीटर की दूरी पर है. यह इलाका नक्सलियों की गतिविधि के लिए रेड कॉरिडोर माना जाता रहा है.




