
Ranchi: कांके विधायक समरी लाल के जाति प्रमाण मामले में सुरेश बैठा एवं राज्य सरकार की अपील के अलावा समरी लाल द्वारा दाखिल अपील की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में गुरुवार को हुई. मामले में कोर्ट को बताया गया कि समरी लाल के खिलाफ चुनाव याचिका पर हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. इसके बाद वादी एवं प्रतिवादी की ओर से इस अपील को (नॉट प्रैस किया गया) वापस ले लिया गया.
समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र को खारिज किए जाने के आदेश को हाई कोर्ट की एकल पीठ ने किया था रद्द
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट ने समरी लाल याचिका स्वीकार करते हुए राज्य छानबीन समिति द्वारा समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने को गलत करार दिया था. साथ ही राज्य छानबीन समिति द्वारा समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र को खारिज किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया था.
राज्य जाति छानबीन समिति के द्वारा कांके विधायक समरीलाल का जाति प्रमाण पत्र खारिज किए जाने के मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट की खंडपीठ में राज्य सरकार एवं सुरेश बैठा की अपील दाखिल की गई थी. वही समरी लाल की ओर से अपील में राज्य जाति छानबीन समिति की जांच प्रक्रिया को रोकने का आग्रह ओर से किया गया था.
विधायक समरी लाल को बताया गया था राजस्थान का मूल निवासी
पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार और सुरेश बैठा की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था कि समरी लाल मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं, उनके पूर्वज माइग्रेट होकर झारखंड आए हैं.




