
Chakradharpur : नंदीकर के 39वें नाट्य महोत्सव में एकैडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के खुले मंच पर दिनकर शर्मा ने कहानी ‘टिकटों का संग्रह’ की प्रस्तुति की. प्रस्तुत कहानी के मूल लेखक कारेल चापेक और अनुवादक निर्मल वर्मा हैं. कहानी एक इसाई चरित्र की है जो, कनफेस करने के लिए चर्च जाता है. दिनकर शर्मा के अभिनय का इंपेक्ट ऐसा रहा कि, उपस्थित सभी दर्शकों को कहानी अपनी जिंदगी की कहानी लगी। वास्तविकता के भ्रम का जाल बुनती इस प्रस्तुति ने अंत तक दर्शकों को अपने सम्मोहन में कैद रखा। प्रस्तुति के बाद स्तब्ध दर्शकों नें मुखर होकर प्रतिक्रियाएँ दी. वे दिनकर की तारीफ करते नहीं थक रहे थे. प्रस्तुति के उपरांत बंगला नाट्य जगत, टेलीविजन और सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री सोहनी सेन गुप्ता जी ने दिनकर को सम्मानित करते हुए कहा कि, इनकी अपनी एक विशेष बात है कि, इनके जीवन के संघर्षों की प्रतिछाया इनकी प्रस्तुति में दिखाई पड़ती है. संसाधनों के बिना वो भी अकेले इतनी देर दर्शकों को बाँधे रखना आसान नहीं है. ये तो इनका जीवन ही है जो, मंच पर चरित्रों का जीवन बन सांस लेने लगता है. अंत में दिनकर ने रूद्रप्रसाद सर, सोहनी सेन गुप्ता और नंदीकर परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया साथ ही साथ सेवानिवृत्त सीनियर डिवीजनल फाइनेंस ऑफिसर देवब्रत नंदी के सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. दिनकर ने कहा कि, बंगाल कला को सीखने और निखारने की जगह है. मैंने बंगाल की धरती से बहुत कुछ सीखा है। संस्कृति, परंपरा और बौद्धिकता का अनोखा समन्वय यहाँ हमेशा से देखता आया हूँ.
प्रस्तुति के दौरान देवेन्द्र मिश्रा ने नेपथ्य से संगीत में सहयोग किया.




