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साथी के ही अवैध हथियार से हुई फायरिंग से घायल हुआ था अजय थापा, पुलिस को बताया अज्ञात अपराधियों ने मारी गोली

Ranchi : 19 अगस्त को मांडर के केशकानी में हुए गोलीकांड का रांची पुलिस ने खुलासा कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किये गये आरोपियों में संतोष पांडे, संजय पांडे, ओम प्रकाश राय, एकलव्य कुमार और बिट्टू मिश्रा शामिल हैं. मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर एसएसपी अनीश गुप्ता ने इस गिरफ्तारी की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस गोलीकांड की जांच के क्रम में पुलिस ने 7.65 एमएम की एक पिस्तौल, एक बंदूक, गोली, 7.65 की दो जिंदा गोलियों से भरा एक मैगजीन, दो मोबाइल फोन और एक 7.65 एमएम का खोखा बरामद किया है.

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क्या है मामला

19 अगस्त को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि मांडर के केशकानी स्थित संतोष पांडे के प्लॉट पर उनके लोग अवैध हथियार लेकर पहुंचे थे. उसी अवैध हथियार से गोली चलने से एक व्यक्ति घायल हो गया है. यह जानकारी वरीय पदाधिकारी को प्राप्त होने के बाद एक टीम का गठन किया गया. जब टीम घटनास्थल के लिए निकली, तभी मांडर थाना प्रभारी के मोबाइल पर संतोष पांडे द्वारा फोन कर बताया गया कि उसके केशकानी स्थित प्लॉट के पास सड़क पर खड़े उसके ड्राइवर अजय थापा को करीब 2.30 बजे दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने गोली मारकर जख्मी कर दिया गया है, जिसे इलाज के लिए वह रिम्स लेकर आया है. यह पूछने पर कि घटना की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी, उसने कॉल डिसकनेक्ट कर दिया.

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पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की

एसएसपी ने बताया कि सूचना के सत्यापन के क्रम में केशकानी स्थित संतोष पांडे के प्लॉट पर पुलिस की टीम पहुंची, तो बैरियर के बाहर खून का धब्बा एवं कमरा में खून का धब्बा तथा 7.65 एमएम का एक खोखा पड़ा हुआ मिला. लेकिन, वहां कोई भी कर्मचारी और अन्य व्यक्ति उपस्थित नहीं पाया गया. जांच के क्रम में यह बात सामने आयी कि संतोष पांडे एवं उसके लोग अवैध हथियार रखकर घूम रहे थे. उसी अवैध हथियार से फायर होने की घटना को उनके द्वारा छुपाने के लिए मनगढ़ंत कहानी बनाकर पुलिस के सामने रखने की कोशिश की गयी. साथ ही, साक्ष्य छुपाने के लिए गोली, बम, हथियार को दूसरी जगह छुपाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया.

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पिस्टल से छेड़छाड़ करने में चली गोली

एसएसपी ने बताया कि संतोष पांडे के दो ड्राइवर हैं- अजय थापा और एकलव्य कुमार. एकलव्य कुमार एक अवैध हथियार रखकर पिछले डेढ़ वर्षों से लगातार संतोष पांडे की गाड़ी चला रहा था. हथियार अवैध होने की बात पकड़े गये पांच व्यक्तियों को मालूम थी. गिरफ्तार एकलव्य कुमार के अनुसार, घटना के दिन वह और अजय थापा अवैध पिस्टल के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे. इसी बीच गोली चली, जो अजय थापा को लग गयी. इसके बाद सभी पांचों लोगों (जो पुलिस की गिरफ्त में आये हैं) ने घटना को छुपाने के लिए पुलिस को गुमराह करने का प्लान बनाया और दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों द्वारा गोली चलाकर घायल करने की बात पुलिस को बतायी.

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कॉल रिकॉर्डिंग की जांच करने पर सामने आया सच

एसएसपी अनीष गुप्ता ने बताया कि अवैध हथियार से किसी विवाद के कारण या किसी भी कारण से गोली चली और उससे अजय थापा घायल हो गया. इन लोगों पर पुलिस को दिग्भ्रमित करने का भी आरोप लगा है. इन लोगों ने पुलिस को गलत जानकारी दी गयी. एसएसपी ने बताया कि घटना की जांच के क्रम में पुलिस ने संतोष पांडे के मोबाइल फोन की भी जांच की. उसका मोबाइल ऑटो कॉल रिकॉर्ड मोड में सेट किया हुआ था. उन्हीं कॉल रिकॉर्डिंग की जांच करने पर संतोष पांडे और उसके साथियों के बीच हुई बातचीत की क्लिप पुलिस के हाथ लगी. उसी से इस पूरे मामले की सच्चाई का खुलासा हो गया.

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छापामारी दल में ये जवान थे शामिल

पुलिस उपाधीक्षक खालारी के नेतृत्व में चले इस छापामारी अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक सतीश, मांडर थाना प्रभारी कुमार गोराई, अरुण कुमार तुरी, ऋषिकांत सिन्हा, ऋषि रामपुरा, रामेश्वर उरांव, संदीप यादव, सुनील कुमार पासवान.

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