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कुणाल एनकाउंटर की सीबीआइ जांच की डीसी की अनुशंसा के बाद गरमायी राजनीति, विपक्ष को मिला घर बैठे एक मुद्दा

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Pakur/ Ranchi: पाकुड़ के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के छोटा पहाड़पुर गांव में हुए एनकाउंटर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. डीसी दिलीप कुमार झा ने मामले की गृह विभाग से सीबीआइ जांच की अनुशंसा की है. अनुशंसा किये जाने के बाद बैठे बिठाए विपक्ष को एक सॉलिड मुद्दा मिल गया है. 13 अक्टूबर 2017 को हुए इस एनकाउंटर को करीब एक साल बीत गए हैं. राजनीति में कभी किसी ने इस एनकाउंटर का नाम तक नहीं लिया. लेकिन डीसी द्वारा सीबीआइ अनुशंसा किये जाने के बाद विपक्ष अब यह मामला संसद और विधानसभा में उठाने की बात कर रहा है. जबकि इस एनकाउंटर के होने के बाद करीब तीन सत्र संसद और विधानसभा के हो चुके हैं. कभी यह मामला सांसद या विधायक ने सदन में नहीं उठाया.

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विपक्ष को मिला सॉलिड मुद्दा

डीसी की अनुशंसा किए जाने के बाद सांसद और विधायक दोनों ने सदन में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है. दोनों जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मामले को सदन में इसलिए उठाएंगे, ताकि मुठभेड़ में मारे गए युवक के परिजनों को न्याय मिल सके. सांसद विजय हांसदा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निर्दोष युवक को फर्जी एनकाउंटर दिखा कर मारा है. उसने जवाहर नवोदय विद्यालय महेशपुर से इंटर पास कर इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा दी थी. वह होनहार छात्र था. उसके ऊपर किसी तरह का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था. उन्होंने कहा कि मामले को लोकसभा में उठा कर सीबीआइ से जांच कराने की मांग करेंगे.

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शीतकालीन सत्र में उठेगा मुद्दा

महेशपुर के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर स्टीफन मरांडी का कहना है कि युवक के परिजन उनसे मिलने आए थे. उन्होंने पूरे प्रकरण से मुझे अवगत कराया था. विधायक ने बताया कि इस मामले को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठायेंगे. मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे. 13 अक्टूबर 2017 की देर शाम छोटा पहाड़पुर गांव के पास महेशपुर थाना क्षेत्र के डुमरघाटी निवासी कुणाल मुर्मू का एनकाउंटर हुआ था. अब उसके पिता राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और डीसी दिलीप कुमार झा को आवेदन देकर जांच करने की मांग कर रहे हैं.

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एसडीएम ने की थी जांच, दी थी पुलिस को क्लीन चिट

एनकाउंटर होने के बाद एसडीएम को डीसी ने एनकाउंटर की जांच करने को कहा था. एसडीएम ने एनकाउंटर की जांच की थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट और ग्रामीणों के बयान के बाद एसडीएम ने डीसी पाकुड़ को रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में एसडीएम ने लिखा था कि एनकाउंटर सही है. नक्सली कुणाल मुर्मू ने गोली चलायी थी. जिसके जवाब में पुलिस को भी फायर करना पड़ा. फायरिंग के दौरान कुणाल की मौत हुई. लेकिन एसडीएम की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए डीसी पाकुड़ दिलीप कुमार झा ने गृह विभाग से सीबीआइ की जांच की अनुशंसा की है.

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नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने राज्य में अच्छा काम किया हैः भाजपा

न्यूज विंग से बात करते हुए प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि उग्रवादियों के खिलाफ राज्य में बेहतर काम हुआ है. उग्रवादी पीछे धकेले गए हैं. कहीं भी ज्यादती की बात सामने आयी है, तो उसकी जांच जरूर हुई है. सरकार को कभी भी किसी तरीके की जांच से एतराज नहीं है. सरकार यह भी सुनिश्चित करती है कि अकारण किसी निर्दोष को फंसाया नहीं जा सके.

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