
Ranchi : कांके डैम के किनारे बने अवैध घरों को तोड़ने में जिला प्रशासन लगा है. 23 फरवरी से इसके लिए जिला प्रशासन बुलडोजर, जेसीबी और फोर्स लेकर लगातार मुहिम चला रहा है. सरोवर नगर (हेहल) के 97 घरों को तोड़ने के लिए चिन्हित किया गया है.
अब तक आधे से अधिक घरों को जमींदोज किया जा चुका है. इधर रांची नगर निगम बेघरों को आशियाना मुहैया करायेगा. जिनके घर तोड़े जा चुके हैं, उन्हें पीएम आवास योजना के जरिये लाभ दिलाने की योजना बनी है.
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50 साल से बसा आशियाना 5 दिनों में उजड़ा
70 बरस के कामेश्वर महतो सरोवर नगर में ही रहते हैं. दो गाय के भरोसे जीवन-यापन हो रहा. कहते हैं कि 1970 तक एक ट्रांसपोर्टर के साथ जुड़ कर रांची में रोजी-रोटी चला रहे थे. इसी दौरान एक जमीन एजेंट मोहन सिंह से संपर्क हुआ.
उसने सरोवर नगर में बेहद सस्ती जमीन लेने का ऑफर किया. उनके मन में हालांकि कांके डैम के किनारे की जमीन को लेकर आशंका थी. पर एजेंट ने आश्वस्त किया कि बाद में रजिस्ट्री भी हो जायेगी. रसीद भी कटेगी.

ऐसे में रांची में ही बसने की हसरत लिये 10 हजार रुपये कट्ठा के हिसाब से एक कट्ठा जमीन ले ली. इसी तरह धीरे धीरे कई और लोग भी यहां बसते चले गये. तकरीबन 500 से भी अधिक परिवार होंगे जो सरोवर नगर में हैं.
यहां सरकार की पहल पर रोड भी बना, बिजली कनेक्शन मिला, आधार कार्ड, वोटर आइडी कार्ड भी बना. अब सरकार ने पांच दिनों पहले मुनादी कर दी कि घर तोड़ा जायेगा. सरकार ही अब गरीबों को बसाने में मदद करे.
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सीमांकन का भी चल रहा काम
कांके डैम के किनारे से अवैध घरों को हटाने में हेहल, रातू सीओ पूरी तैयारी के साथ जुटे हुए हैं. रातू सीओ राजेश मिश्रा के अनुसार डैम के किनारे से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ उसके सीमांकन का भी काम किया जा रहा है. इसके अलावा वहां फेंसिंग का भी काम हो रहा. इससे आनेवाले समय में लोग डैम के किनारे की जमीन नहीं ले सकेंगे.
नगर निगम घर बनाने को तत्पर
डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने न्यूज विंग से कहा कि जिला प्रशासन को डैम, नदी, तालाबों के किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण को रोकने में गंभीरता दिखाये.
लोगों के अंदर इससे डर बना रहेगा. जब घर बन रहे होते हैं, तब अंचल कार्यालय, थाना को इस पर जवाबदेही लेनी चाहिए. सरोवर नगर मामले में जो भी परिवार बेघर हुए हैं, वे पीएम आवास योजना (शहरी) के लिए ऑनलाइन आवेदन करें.
निगम आवास बना कर सस्ती दरों पर जरूरतमंदों को मदद जरूर करेगा. इसके जरिये निगम बेघरों को आशियाना दिला कर उनके दर्द को कम करेगा.
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