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राज्य प्रशासनिक सेवा के 45 अफसरों पर कार्रवाई, इसमें 15 ऑफिसर बर्खास्तगी के कगार पर

Ravi Bharti

Ranchi: राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भी विवादों से अछूते नहीं हैं. इस सेवा के 45 अफसरों की फाइल कार्मिक ने मंगा ली है. इसमें ग्रामीण विकास विभाग के 20, भू राजस्व के 15 और खाद्य आपूर्ति विभाग के 10 अफसर शामिल हैं. इन 45 अफसरों में से 15 अफसर बर्खास्तगी के कगार पर हैं. इन अफसरों पर गंभीर आरोप है. अधिकांश पर अंत्योदय योजना और भूमि घोटाले का आरोप है. इन अफसरों ने इन योजनाओं में भारी अनियमितता बरती है.

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किस आधार पर हो रही कार्रवाई

असैनिक सेवाएं वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 1935 के तहत इन अफसरों पर विभागीय कार्यवाही चलेगी. इससे 15 अफसरों के खिलाफ 49 के तहत कार्यवाही करने की समीक्षा कार्मिक विभाग कर रहा है. नियम 49 में सेवा समाप्ति का भी प्रावधान है.

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ये हैं बर्खास्तगी के कगार पर

इसमें सीओ मतियस विजय टोप्पो. इन पर एसआर कोर्ट में रहते हुए भारी अनियमितता करने का आरोप है. सरकार ने विज्ञापन जारी कर अंतिम बार 15 दिनों के अंदर अंतिम स्पष्टीकरण मांगा था. लेकिन सरकार को जवाब नहीं मिला. एक महीना पहले अर्जुन राम को बर्खास्त किया जा चुका है. निर्मल टोप्पो भी बर्खास्त किये जा चुके हैं.

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इन अफसरों पर गंभीर आरोप और कार्रवाई

दिनेश प्रसाद: निलंबित
विनोद कुमार झा (उपसमाहर्ता): वित्तीय अनियमितता का आरोप
नमिता नलिनी बाखला: निलंबित
अभय कुमार झा (सीओ): निलंबित
अरूण उरांव: निलंबित
अशोक कुमार सिन्हा (बीडीओ): निलंबित
मनोज कुमार तिवारी (सीओ): निलंबित
संतोष कुमार चौधरी: निलंबित
हेमा प्रसाद (सीओ): विभागीय कार्रवाई
अंचना दास (सीओ): विभागीय कार्रवाई
जामनी कांत (कार्यपालक दंडाधिकारी) : निलंबित

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105 डिप्टीकल्टर्स का रूक सकता है वेतन

राज्य प्रशासनिक सेवा के 105 डिप्टीकल्कटरों का वेतन भी रूक सकता है. इन अफसरों से संपत्ति का विवरण मांगा गया था. लेकिन इन्होंने अब तक संपत्ति का विवरण नहीं दिया है. जिले के उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि अगर वे संपत्ति का विवरण नहीं देते हैं तो उनका वेतन रोक दिया जाये.

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