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माइक पकड़ते ही पाकुड़ डीसी हो गए बेकाबू ! अधिकारियों को कहा निकम्मा, की बहुत सारी अनर्गल बातें

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 Pakur/Ranchi: कुछ महीने पहले सीएम रघुवर दास पाकुड़ गये थे. तब उन्होंने पाकुड़ डीसी की तारीफ करते हुए कहा था: डीसी हो तो पाकुड़ जैसा. डीसी-एसपी आते-जाते रहते हैं. पर वे काम ऐसा करें कि समाज उन्हें याद रखे. डीसी साहब की पूरी कहानी भी हम आपको बतायेंगे, लेकिन उससे पहले वो वीडियो देखिए, जिसमें सूबे के मुखिया रघुवर दास उपायुक्त दिलीप झा की तारीफों के पुल बांध रहे हैं…

 सीएम की बात से पाकुड़ के लोगों को लगा था कि उनके अच्छे दिन आने वाले हैं. लेकिन ये कोई नहीं जानता था कि मात्र कुछ महीने बाद ही पाकुड़ डीसी के फैसलों से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने और उनके द्वारा राजनेता की तरह बातें करने की खबरें आने लगेगी.

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न्यूज विंग को पाकुड़ डीसी का एक वायरल वीडियो मिला है. जिसमें उनके भाषण का अंदाज गजब का है. अपने अफसरों को तो वह खुलेआम चोर और निकम्मा कह ही रहे हैं. अपने भाषण में कुत्ता और दूसरे कई तरह की अनर्गल बात कह रहे हैं. साथ में कोयला उत्खनन करने वाली बीजीआर कंपनी के अधिकारियों की तारीफ कर रहे हैं. याद रहे, यह वही बीजीआर कंपनी है, जिसके कारण चतरा का टंडवा बदनाम हुआ. इसके अधिकारी रघुराम रेड्डी के संबंध उग्रवादी संगठन टीपीसी से भी थे.

आप भी पढ़िए और वीडियो में देखिये कि कैसे पाकुड़ डीसी दिलीप झा भाषण देते वक्त आपे से बाहर हो जाते हैं. लगता ही नहीं कि कोई आईएएस बात कर रहा हो. ऐसा लगता है कि जैसे चुनावी भाषण के जरिए कोई दबंग नेता लोगों के बीच अपनी बात जबरन रख रहा हो.

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दो या तीन जुलाई 2018- स्थान अमड़ापाड़ा- वन महोत्सव समारोह के दौरान डीसी पाकुड़ के भाषण के अंशः

अपनी ही पदाधिकारियों को कहा निकम्मा

पहाड़िया लोगों की जमीन के मुआवजे की राशि मिलती है, तो उसके पीछे भी दलाल लग जाते हैं. खाता खोलने से लेकर हर काम के लिए पैसे लिए जाते हैं. मैंने अपने निकम्मे अधिकारी को बोला कि पकड़ो उन लोगों को. सभी को बुक करो. गर्दन पकड़ो सबका, उनका पेट फाड़ों. ऐसा करने से मुझे सुकून मिल जाएगा. अगर आपसे एक भी रुपया कोई खाता है तो चौराहे पर जाकर जितना भी उसके साथ गंदा सलूक कर सकते हैं करें, वो कम है. कानून उनका साथ देगा. कोयला चोरी करने वालों को आप पकड़िए. कोयला चोरी कराने वाले चार-पांच या दस हैं. यही दस आदमी मोटे हो जाते हैं.

कहा कुत्ता जैसे चेन पहनता है वैसे ही चेन पहनते हैं

आखिर उनके पास रुपया आया कहां से, ये पैसा बेईमानी और चोरी का है. उनके गर्दन में मोटे-मोटे सोना के सिक्कड़ होते हैं. जैसे कुत्ते के गर्दन में लोहे का चैन होता है. उन कुत्तों को परेशान करने की जरूरत है. उन जालिमों को जलील करने की जरूरत है. जिन जालिमों ने गरीबों का शोषण करने का काम किया है. इस संकल्प सिद्धि सभा में मैं संकल्प लेता हूं कि मैं उन बेईमानों का चलने नहीं दूंगा.

उन्हें यहां फलने-फूलने नहीं दूंगा. उन मक्कारों को यहां घुसने नहीं देंगे. कंपनी ने कहा कि हम सोशल रिस्पॉन्सिब्लिटी के लिए काम करेंगे, मैंने कह दिया कि ऐसा काम होगा तो नहीं चलेगा कि एक ईंच पीसीसी किया, वो भी काम बिचौलियों को मिला और काम खत्म. काम ऐसा हो जिससे लगे सभी को कि मेरे लिए काम हो रहा है. जनता के बच्चों के भविष्य का कल्याण हो.

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अगला-पिछला सब बराबर कर लेंगे

मुझे उन मक्कारों और बेईमानों से कोई मतलब नहीं है. वो देश और राष्ट्र के दुश्मन हैं. उन राष्ट्रद्रोहियों की पहचान कीजिए जो ट्रांसपोर्टर का काम कर रहे हैं. बिना गाड़ी के ही लोग ट्रांसपोर्टर बन रहे हैं. माल किसी का-कमाल किसी का. तुम्हारे पास गाड़ी ही नहीं और तुम ट्रांसपोर्टर बन गया. ऐसे लोगों को कभी प्रमोट नहीं किया जाएगा. अगर वो लोग कुछ करते हैं तो उन्हें पता चल जाएगा कि क्या उन्होंने किया है. अगला-पिछला बकाया सभी हम वसूल लेंगे. सब पर डीए केस कराएंगे कि इतनी संपत्ति कहां से आयी. बंगलोर और कलकत्ता सब जगह घर कहां से आ गया.

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