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ट्रिपल आईटी : जमीन अधिग्रहण के चार साल बाद भी नहीं मिला पूरा मुआवजा, सरकार के पास नहीं थे पैसे !

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Pravin Kumar/Kumar Gaurav

Ranchi : अधिग्रहित की गयी जमीन के बदले सरकार मुआवजा भी सही तरीके से तय समय पर नहीं दे पायेगी, तो राज्य के रैयत किसी भी सरकारी परियोजना के लिए जमीन देने से क्यों नहीं कतरायेगी? चार साल पूरे हो जाने के बाद भी अगर आधे मुआवजे का भी भुगतान नहीं हो पायेगा, तो रैयत अपने जीने-खाने के एकमात्र उपाय खेती वाली जमीन सरकार को क्यों सौंपेगी? ट्रिपल आईटी के लिए चार साल पहले कांके में जमीन अधिग्रहण किया गया था, पर इसके मुआवजे की राशि अब तक नहीं दी गयी है. अब सरकार की तरफ से सरकारी अधिकारी जवाब दे रहे हैं कि मुआवजा का भुगतान करने के लिए सरकार के पास पैसे ही नहीं थे.

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मुआवजे के कुल 26 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपये का होना था भुगतान

रांची के कांके प्रखंड में ट्रिपल आईटी का निर्माण किया जाना है. इसके लिए सरकार ने 2013-2014 में ही प्रपोजल तैयार किया था. 14.40 एकड़ के बदले सरकार ने कुल 19 अवार्डी चयनित कये थे. कुल 26 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था. सरकार के पास पैसे नहीं होने के कारण चार साल बीत जाने के बाद भी अब तक पूरे मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा सका है. 2016 से भुगतान प्रक्रिया चालू की गयी. दो साल में अब तक आधे से भी कम पैसों का भुगतान हो पाया है.

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मुआवजा देने के लिए सरकार के पास पैसे ही नहीं थे

भू-अर्जन कार्यालय के पास मुआवजे के भुगतान के लिए सितंबर माह में ही पैसे आये हैं, जिनसे अवार्डियों को भुगतान किया जाना है. कुल 14.40 एकड़ के लिए 26 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान होना है, जिसके बदले अभी तक 10 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया है. लगभग 16 करोड़ रुपये का भुगतान होना शेष है. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सीमा सिंह ने भुगतान में देरी की वजह पूछने पर बताया कि सरकार के पास पैसे ही नहीं थे, हमें भुगतान के लिए केंद्र से अभी पैसे मिले हैं. पंद्रह दिन पहले ही हमारे पास पैसे आये हैं.

मुआवजे की राशि पर है दलालों की नजर

ट्रिपल आईटी के लिए अधिग्रहित की गयी जमीन के बदले में मिलनेवाले मुआवजे पर कई दलालों की पैनी नजर है. कई रैयत, जिन्हें करोड़ों में भुगतान किया जाना है, उनके अकाउंट की पूरी जानकारी दलालों के पास है. सांगा गांव के पूर्व मुखिया ने इसको लेकर भू-अर्जन पदाधिकारी को भी लिखित शिकायत आवेदन देकर मुआवजे के भुगतान पर फिलहाल रोक लगाने की अपील की है की थी, जिसको लेकर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने सुनवाई भी कर ली है. दलालों को यह भी पता चल जा रहा है कि किस रैयत को कितनी राशि का भुगतान कब और कैसे किया जा रहा है. दलाल रैयतों को बहलाकर अपने हिसाब के बैंक में उनसे खाता खुलवा रहे हैं.

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सारी राशि को एफडी कराकर दिया जायेगा : भू-अर्जन पदाधिकारी

हमारे पास रैयतों को भुगतान करने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए अभी तक आधे पैसों का ही भुगतान किया गया है. सरकार ने हमें अब पैसे भेजे हैं, जिससे हम जल्द ही भुगतान कर देंगे. दलालों को लेकर मिली शिकायत के बाद हमने सुनवाई कर ली है. सारी राशि को एफडी कराकर दिया जायेगा.

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