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नक्सलियों के गढ़ बूढ़ा पहाड़ पर पहली बार पहुंची हेमंत सोरेन सरकार, 100 करोड़ की बीपीडीपी योजना से 22 गांव की बदलेगी तस्वीर

Palamu : नक्सलियों के गढ़ माने जानेवाले और लातेहार-गढ़वा के सीमावर्ती बूढ़ा पहाड़ पर शुक्रवार को पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहुंचे. सीएम हेलिकॉप्टर से पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिले के टेहरी पंचायत स्थित बूढ़ा गांव में उतरे. उन्होंने बूढ़ा पहाड़ के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये के बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम के साथ राज्य के पीएचइडी मंत्री मिथिलेश ठाकुर, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, गृह सचिव राजीव अरुण एक्का, डीजीपी नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे और सीआरपीएफ के वरीय अधिकारी भी मौजूद थे. मौके पर बूढ़ा गांव के दर्जनों लोग मौजूद थे.

मालूम हो कि बूढ़ा पहाड़ लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा था. राज्य और केंद्रीय बलों-दोनों के निरंतर प्रयास के बाद, हाल ही में सितंबर 2022 में विशेष अभियान के बाद इस क्षेत्र को मुक्त करने में सफलता मिली थी.

मुख्यमंत्री में बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के लातेहार और गढ़वा ज़िलों के दो पंचायतों के 22 गांवों में रहा रहे 11890 लोगों के समग्र विकास के लिए 100 करोड़ की लागत से बूढ़ा पहाड़ विकास परियोजना (बीपीडीपी) का शुभारंभ भी किया.

इस योजना के अंतर्गत गढ़वा जिले के टेहरी पंचायत के 11 गांवों तथा लातेहार जिले के अक्सी पंचायत के 11 गांवों का संपूर्ण विकास किया जायेगा. दोनों पंचायतों के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांवों में कुल 11,890 लोग निवास करते हैं, जिनमें 5869 महिला एवं 6021 पुरुष हैं.

समेकित योजना के पहले चरण में मुख्यमंत्री ने बूढ़ा पहाड़ के निवासियों के बीच 5.279 करोड़ रुपये की लागत से मिनी ट्रैक्टर, पंपसेट, बीज, कृषि संबंधी किट, राशन किट, फुटबॉल किट, साइकिल सहित अन्य कल्याणकारी योजना का लाभ प्रदान किया.

मालूम हो कि गत वर्ष नवंबर माह में मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन बूढ़ा पहाड़ स्थित विभिन्न गांवों में किया गया. अबतक करीब 6000 से अधिक ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया गया.

मुख्यमंत्री ने बूढ़ा पहाड़ स्थित टेहरी पंचायत के 150 से अधिक ग्रामीणों के साथ संवाद किया. साथ ही उन्होंने बूढ़ा पहाड़ पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से साथ बातचीत भी की.

इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, सर्वजन पेंशन योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से नहीं जोड़ा, बल्कि बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं एवं मूलभूत योजनाओं का भी शुभारंभ किया. इसके तहत मदगड़ी पुलिस पिकेट के पास आरसीसी कलभर्ट निर्माण, बुढ़ा पहाड़ क्षेत्र के बुढ़ा ग्राम में 25 केवी सौर विद्युतीकरण की योजना, बिजका पुलिस पिकेट के पास आरसीसी कलभर्ट निर्माण, बुढ़ा पहाड़ में सोलर आधारित 2एचपी का एचवाईडीटी के माध्यम से पेयजलापूर्ति योजना, बूढ़ा गांव (बेसिक कैम्प) में सोलर आधारित जलापूर्ति योजना, आंगनबाड़ी केन्द्र खपरी महुआ एवं हेसातू का मॉडल आंगनबाड़ी में परिवर्तन, बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के सातु, बहेराटोली, तुमेरा, खपरी महुआ, तरेर पोलपोल ग्राम में सौर विद्युतीकरण की योजना के तहत 5 केवी का सौर विद्युत आपूर्ति की योजना का शुभारंभ किया गया जबकि हेसातु स्वास्थ्य उपकेन्द्र का हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में अपग्रेडेशन एवं महिला स्वयं सहायता समूह को दोना पत्तल यंत्र प्रदान किया गया.

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र स्थित विभिन्न गांव में 90 प्रतिशत अनुदान पर सरकारी/निजी तालाब जिर्णोद्वार, 90 प्रतिशत अनुदान पर परकोलेशन टैंक निर्माण योजना, 80प्रतिशत अनुदान पर महिला समूहों को मिनी ट्रैक्टर वितरण योजना, 90 प्रतिशत अनुदान पर पम्पसेट एवं पाईप वितरण योजना एवं 50प्रतिशत अनुदान पर वर्मी बैंड वितरण योजना से 29 लाभुक लाभान्वित किया. वहीं मनरेगा के तहत कूप निर्माण योजना दीदी बाड़ी, मेडबंधी निर्माण, टी०सी०वी० निर्माण, समतलीकरण निर्माण, तालाब निर्माण मिट्टी मोरम पथ निर्माण, पोटो हो खेल मैदान, डोभा निर्माण, गाय एवं बकरी शेड निर्माण समेत कुल 106 योजनाओं का शुभारंभ किया.

इससे पहले सीएम के बूढ़ा गांव में पहुंचने पर गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

मौके पर पलामू कमिश्नर जटाशंकर चौधरी, पलामू डीआईजी राजकुमार लकड़ा समेत अन्य वरीय अधिकारी और भारी संख्या में सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे.

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