
Islamabad: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान की संसद में कहा है कि भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को एक मार्च को रिहा कर दिया जायेगा. पाकिस्तान पर भारत की ओर से इस बात का जबरदस्त दबाव था कि भारतीय पायलट को जल्द से जल्द रिहा कर दिया जाये. भारत के कड़े तेवर को देखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भी यह बयान दिया था कि भारतीय पायलट को छोड़ने पर पाकिस्तान विचार कर रहा है.
भारत के पास जितना हथियार उतना हमारे पास भीः इमरान खान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद के साझा सत्र में बोला कि भारतीय पायलट अभिनंद को कल छोड़ जायेगा. दोनों देश में जो तनाव है उसकी वजह कश्मीर है. इमरान खान ने कहा कि वे पहले दिन पुलवामा हमले के सबूत मांग रहे थे वो आज मिला. भारत जंग की ना सोंचे, हम शांति चाहते हैं. भारत के पास जितना हथियार है उतना हमारे पास भी है. इसे उनकी कमजोरी ना समझा जाये.
दो दिन पहले भारत ने संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया
इमरान खान ने कहा कि हमने कल भी कोशिश की थी कि भारत के प्रधानमंत्री से बात करने की. हमने कोशिश की शांति रहे. करतारपुर कॉरिडॉर को हमने तनाव कम करने के खोलने का फैसला लिया था. हमें खौफ था कि इलेक्शन से पहले कोई ना कोई घटना जरूर होगी. सऊदी के क्राउन प्रिंस पाकिस्तान में आए थे तो कौन सा मुल्क पुलवामा जैसी दहशतगर्दी करवाएगा? इससे पाकिस्तान को क्या मिलता? इससे पाकिस्तान को क्या मिलेगा. हमने सेना प्रमुखों से बातचीत की क्या किया जाये. हमें मालूम है उन्होंने बम फेंका फिर भी हमने जवाब नहीं दिया, लेकिन अगले दिन हमने यह दिखाने की कोशिश की हम आप से कम नहीं हैं. किसी को टारगेट नहीं किया.
संसद को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा, ”हमने भारत को चिट्ठी लिखी कि विदेश मंत्रियों को मिलना चाहिए लेकिन हमें बेहतर जवाब नहीं मिला. हमें लगा कि इसका जवाब इसलिए नहीं आया क्योंकि भारत में चुनाव हैं. इनके चुनावी अजेंडा में हमारे साथ संबंध अच्छे हों, ये है ही नहीं.
इमरान खान ने कहा-
- हमें खौफ़ था चुनाव के मद्देनज़र कुछ ना कुछ होगा जिसे भारत चुनाव के लिए इस्तेमाल करेगा.
- मैं ये नहीं कहता कि पुलवामा में भारत का हाथ था, लेकिन हमले आधे घंटे के भीतर हमारे ऊपर आरोप लगे.
- हमें इससे क्या मिलता. हमने भारत को जांच में सहयोग के लिए कहा, हम अपनी जमीं पर दहशतगर्दी को इजाजत नहीं देंगे.
- मैं पाक मीडिया से कहना चाहता हूं कि यहां मीडिया का बेहतर रूख था. हम लोगों ने खुद देखा है कि आतंक से क्या होता है. हम पीड़ित हैं. मुझे अफसोस है कि भारत की मीडिया ने बेहद बचकाना रवैया दिखाया उन्हें नहीं पता युद्ध का नुकसान, हमारी मीडिया ने 70 हज़ार लोगों की मौत आतंक के कारण होते देखी है.
- आज भारत ने डॉजियर भेजा लेकिन दो दिन पहले हमला कर दिया. ये पहले डॉजियर दे सकते थे. भारतीय चुनाव को देखते हुए भारत सरकार ये कर रही है.
- जब भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया तो मुझे सुबह सुबह पता चला. हमने सेना प्रमुख से बात की. हमें किसी के हताहत होने की खबर मिली. हमने तय किया कि हम कुछ ना करे. अगर कोई हताहत नहीं हुआ और हम किसी को हताहत कर दें तो ये गलत होता. हमने एक ज़िम्मेदार देश की तरह ये दिखाया कि हमले पर हम चुप नहीं होगा.
- इस हमले में पायलट पाक के कब्जे में है. मैंने मोदी को कल फोन करने की कोशिश की ताकि हम बता सकें. लेकिन वे नहीं चाहते कि बात हो. हमारी सारी कोशिश है कि तनाव कम हो.
- मैं हिंदुस्तान की आवाम से पूछना चाहता हूं कि क्या इस जुल्म से कश्मीर पाया जा सकता है? पिछले 20 साल में कोई भी कश्मीर के नेता भारत की नीतियों के साथ नहीं रहना चाहते. वो आज़ादी चाहते हैं. आखिर क्यों कश्मीरी युवा खुद को बम बना लेता है. आखिर क्यों उनमें मरने का ख़ौफ खत्म हो गया है. भारत में एक बहस की ज़रूरत है. हर वक्त पाकिस्तान पर ऊंगली ना उठाए.
- मोदी को पागाम देना चाहता हूं कि किसी को युद्ध की ओर ना ढकेलें. भारत से कहना चाहता हूं इसे यहीं रोक दें आगे ना ले जाएं वरना पाकिस्तान को मजबूरी में जवाब देना होगा.
पाकिस्तान बातचीत को तैयारः कुरैशी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक टीवी चैनल से कहा कि अगर पायलट (विंग कमांडर अभिनंदन) की वापसी से डि-एस्केलेशन (तनाव घटता) होता है, तो पाकिस्तान पायलट को भी लौटने के लिए तैयार है. कुरैशी ने एक और पैंतरा चलते हुए कहा कि पाक के पीएम इमरान खान, भारत के पीएम को फोन करने को तैयार हैं. भारत ने कुरैशी के इस बयान का कड़ा जवाब दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पायलट की जल्द रिहाई होनी चाहिए, सौदेबाजी का तो सवाल ही नहीं उठता है. भारत ने साथ ही पाकिस्तान को चेताया कि अगर भारतीय पायलट को कुछ हुआ, तो वह ऐक्शन के लिए तैयार रहे.
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