
Deoband: एक ओर पूरा देश 70वें गणतंत्र का जश्न मनाने की तैयारियों में जुटा है. वहीं दूसरी ओर यूपी के देवबंद उलेमा ने गणतंत्र दिवस को लेकर अजीबो-गरीब फरमान जारी किया है. उलेमा ने 26 जनवरी को वंदेमातरम न गाने का फरमान जारी है. साथ ही भारत माता की जय भी बोलने पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं इस मामले ने जब विवाद को रुप लिया तो उलेमा ने अपनी दलील में कहा कि इससे देशभक्ति साबित नहीं होती.
ना गाएं वंदेमातरम
मदरसा जामिया हुसैनिया के मुफ्ती तारिक कासमी ने गणतंत्र दिवस पर वंदेमातरम न गाने और भारत माता की जय भी न बोलने का फरमान जारी करते हुए, इसे इस्लाम के खिलाफ बताया है. उनका कहना है कि, ‘इस्लाम में सिर्फ अल्लाह की इबादत होती है. भारत माता की जय बोलते समय एक प्रतिमा का ख्याल आता है. इसी कारण मुस्लिम को यह नारा नहीं लगाना चाहिए’. उन्होंने कहा, ‘मुस्लिम हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाएं. हिंदुस्तान के इसी नारे से हम अपनी देशभक्ति जिंदा रखे हैं’.
ज्ञात हो कि, कुछ दिन पहले ही इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद ने एक फरमान जारी किया था. जिसे लेकर भी विवाद हुआ था. दरअसल, दारुल उलूम देवबंद ने गणतंत्र दिवस पर अपने छात्रों के बाहर आने जाने पर पाबंदी लगाई थी. इसे लेकर जारी सर्कुलर में कहा गया कि, अगर 26 जनवरी के मौके पर छात्र बाहर जाते हैं तो उन्हें कई मुसीबतों का का सामना करना पड़ सकता है. इसमें कहा गया था कि इस दौरान उनका उत्पीड़न हो सकता है.




