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Bokaro : चौथे दिन भी रैयतों का धरना जारी, JSW पर्वतपुर कोल ब्लॉक का मुख्य गेट जाम करने की चेतावनी

Bokaro News : धरना स्थल पर रैयत अनिल दशौंधी, धनंजय महतो और महिला नेत्री रीना देवी ने कहा कि प्रबंधन की ओर से रैयतों और मजदूरों के साथ वार्ता तो की जाती है, लेकिन उनकी मांगों को धरातल पर लागू करने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. इससे रैयतों और मजदूरों में भारी नाराजगी है. उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रबंधन को अपनी प्रतिबद्धता

रैयतों का धरना

जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड के पर्वतपुर कोल ब्लॉक में रैयतों और मजदूरों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. नियोजन, रोजगार समेत अन्य मांगों को लेकर कोल ब्लॉक के मुख्य द्वार के समीप चल रहा धरना गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा. आंदोलनरत रैयतों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

आंदोलनरत रैयतों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए आज (29 अक्टूबर) को कोल ब्लॉक का मुख्य गेट जाम करने की चेतावनी दी है. हालांकि चास अनुमंडल दंडाधिकारी ने मुख्य गेट से 50 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है.

धरना स्थल पर रैयत अनिल दशौंधी, धनंजय महतो और महिला नेत्री रीना देवी ने कहा कि प्रबंधन की ओर से रैयतों और मजदूरों के साथ वार्ता तो की जाती है, लेकिन उनकी मांगों को धरातल पर लागू करने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. इससे रैयतों और मजदूरों में भारी नाराजगी है. उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रबंधन को अपनी प्रतिबद्धता पूरी करनी होगी.

रैयत नेताओं ने चेतावनी दी कि 29 अक्टूबर को कोल ब्लॉक के मुख्य गेट को जाम कर दिया जाएगा. इस दौरान न तो कोई पदाधिकारी या कर्मचारी बाहर निकल सकेगा और न ही बाहर से किसी को अंदर जाने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति के लिए प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा.

आंदोलनरत रैयतों की प्रमुख मांग है कि कंपनी प्रबंधन अपने वादों को पूरा करे तथा सभी प्रभावित रैयतों को नियोजन देने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करे. रैयतों का कहना है कि उनके अधिकारों और रोजगार से जुड़े मुद्दों का समाधान लंबे समय से लंबित है. अब वे अपनी मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं.

धरना-प्रदर्शन में अनिल दशौंधी, जितेन दशौंधी, फनिभूषण सिंह, धनंजय महतो, बबलू महाराज, जितेंद्र हजारी, विश्वजीत राजवार, अकलू महतो, अनाथ बंधु बनर्जी, रीना देवी, खगेन्द्र नाथ महतो, धर्मवीर दशौंधी समेत सैकड़ों रैयत और मजदूर शामिल हैं. अब सभी की निगाहें 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्य गेट जाम आंदोलन और प्रबंधन की ओर से होने वाली संभावित पहल पर टिकी है.

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