

अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती (फाइल फोटो)
Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में हुई संदिग्ध मौत मामले की सुनवाई हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से अंडरटेकिंग देकर कोर्ट को बताया गया कि इस मामले की जांच पहले SI कर रहे थे. अब इस मामले की जांच DSP रैंक के उच्च अधिकारी करेंगे.
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार को DSP रैंक के अधिकारी को मामले के अनुसंधान सौंपने का निर्देश देते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया. साथ ही अगली सुनवाई 2 नवंबर तक अनुसंधान की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. अब मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को सुबह 11:30 बजे होगी.
हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में अनुष्का का शव मिला था. मृतका के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने उनके पति कुशाग्र रुद्र और उसके माता-पिता कथित तौर पर दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. दोनों ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था और इसी फ्लैट में रह रहे थे.
इससे पहले प्रार्थी की ओर से अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में हुई मौत को संदिग्ध बताते हुए इसकी वृहत जांच करने का आग्रह किया गया. कोर्ट को बताया गया कि 3 घंटे की भीतर मृतका का दो बार पोस्टमार्टम हुआ, यह सवाल खड़े करता है. मृतका का पैर जमीन से सट रहा था और उसके शरीर पर भी इंज्यूरी पाई गई थी. बताया गया कि इस केस में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, पुलिस ने ऐसा जानबूझकर किया है, ताकि आरोपियों को बचाया जा सके.
बता दें कि मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती की ओर से इस मामले में हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. वहीं अनुष्का चक्रवर्ती के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने भी अपने दामाद रुद्र राणा और उसके माता-पिता पर कथित तौर पर दहेज के लिए बेटी को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने तथा उसकी हत्या कर शव को पंखे से लटका देने का गंभीर आरोप लगाया है.




