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खूंटी की खबरें: टकरा गांव में मनाई गयी जयपाल सिंह मुंडा की जयंती, हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन

Khunti: जयपाल सिंह मुंडा की जयंती उनके जन्म स्थल खूंटी के टकरा में धूमधाम से मनाया गया. जयपाल सिंह मुंडा संविधान सभा के सदस्य रहे. देश को ओलम्पिक में पहला स्वर्ण दिलाया. झारखंड महासभा का गठन कर झारखंड अलग राज्य की आवाज बुलंद किया. खूंटी की माटी में जन्में इस महापुरूष को यहां के लोगों ने मारंग गोमके अथार्त बड़े मालिक की उपाधि दी. कई दशकों तक ऐसा लग रहा था, जैसे लोग जयपाल सिंह मुंडा को भूल गए. लेकिन झामुमो ने मुरहू के डुडरी में उनकी स्मृति में डुडरी चौक का नामकरण उनके नाम पर की. इसके बावजूद वर्ष 2012 तक टकरा गांव में उनकी जयंती पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होता था. गांव भी बदहाल व समस्याओं से अटा-पटा था. लेकिन धीरे-धीरे नेता पहुंचने लगे और अब यहां जयपाल सिंह मुंडा की जयंती धूमधाम से मनाई जाने लगी. टकरा गांव में चंद वर्षों पूर्व जयपाल सिंह मुंडा की आदमकद प्रतिमा लगाई गई. वहीं तीन जनवरी 2025 को तमाड़ मोड़ में जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा स्थापित की गई. अनावरण के मौके पर सांसद कालीचरण मुंडा और विधायक रामसूर्या उपस्थित रहे.

शुक्रवार को टकरा गांव स्थित जयपाल सिंह मुंडा की समाधि स्थल में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुजुर्ग जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कम्बल का वितरण किया. उन्होंने कहा कि आज सभी इस बात से अवगत हैं कि जयपाल सिंह मुंडा ने संविधान सभा में जनजातीय समाज, आदिवासी समाज की आवाज को मुखरता से रखा. आज जिन जनजातीय क्षेत्र व शेड्यूल एरिया की हम सभी बात करते हैं वह उनकी बदौलत संभव हो पाया. संविधान में हक अधिकार दिलाने में शेड्यूल एरिया के वो मुख्य सूत्र बन गए.

पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि निश्चित रूप से जयपाल सिंह मुंडा ऐसे ऐतिहासिक महापुरुष रहे जो सभी आदिवासियों के बारे चिंतित रहते थे आदिवासी समाज को खास पहचान उन्हीं की बदौलत मिली. उन्हें हम याद करते हैं और प्रेरणा लेकर आदिवासी समाज के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं.
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया और स्थानीय विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा का आदिवासी समाज के लिए न केवल झारखंड बल्कि भारतवर्ष में अतुल्य योगदान रहा साथ ही हॉकी के क्षेत्र में भी स्वर्णिम योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है.

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जयपाल सिंह मुंडा के वैचारिक सिद्धांतों और साहसिक योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें एक अद्वितीय व्यक्तित्व और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया. उन्होंने कहा कि दिवंगत जयपाल सिंह मुंडा न केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ थे, बल्कि उन्होंने खेल, शिक्षा और आदिवासी उत्थान के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उपायुक्त ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा का जन्म टकरा गांव में हुआ था, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई. हॉकी के महान खिलाड़ी और ऑक्सफोर्ड ब्लू की उपलब्धि हासिल करने वाले जयपाल सिंह मुंडा ने भारत को 1928 के ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाने वाली हॉकी टीम का नेतृत्व भी किया था.

इस अवसर पर टकरा गांव के मुख्य पथ पर स्थित मारंग गोमके की आदमकद प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया. समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.

जिला स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में खूंटी डे बोर्डिंग रहा विजेता

मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के शुभ अवसर पर बिरसा मुंडा एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम आयोजित जिला स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में बालिका वर्ग के फाइनल में खूंटी डे बोर्डिंग सेंटर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोविंदपुर डे बोर्डिंग को हराकर विजेता का खिताब अपने नाम किया. विजेता टीम को विधायक रामसूर्या मुंडा द्वारा ट्रॉफी और हॉकी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता टीम को ट्रॉफी और जर्सी से सम्मानित किया गया. समय की कमी के कारण बालक वर्ग का फाइनल मुकाबला 4 जनवरी को आयोजित किया जाएगा.
इस अवसर पर विधायक ने कहा कि मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा का जीवन और योगदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. खेल के माध्यम से युवाओं को एकजुट करने और उनके भविष्य को उज्जवल बनाने का यह प्रयास सराहनीय है.

वैकल्पिक खेती को दें बढ़ावा: उपायुक्त

अफीम की खेती को लेकर जिला प्रशासन काफी गंभीर है. शुक्रवार को समाहारणालय सभागार में उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में नारको कोर्डिनेशन सेंटर की बैठक हुई. जिसमें उपायुक्त द्वारा मादक द्रव्य पदार्थों के नियंत्रण हेतु विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई. बैठक में पुलिस विभाग एवं नारको कोर्डिनेशन सेंटर से संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों के सभी बिंदुओं की समीक्षा की गयी. साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये. बैठक में थाना प्रभारी व अंचल अधिकारी द्वारा आपसी समन्वय के साथ अपने संबंधित क्षेत्र में हो रही अवैध अफीम की खेती एवं मादक द्रव्य पदार्थों को चिह्नित कर उसे नष्ट करने हेतु विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. साथ ही जिले की सीमाओं एवं विद्यालयों के आस पास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी को लेकर निर्देशित किया गया. अवैध अफीम की खेती के विरुद्ध अभियान चलाने के क्रम में वैकल्पिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी अंचल अधिकारी को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिया गया. बैठक में उपायुक्त ने छापेमारी एवं अन्य कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.

उपायुक्त ने कहा कि हमे नशा मुक्ति अभियान प्राथमिकता के आधार पर चलाते हुए निरंतर कार्रवाई जारी रखने की आवश्यकता है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस दिशा में आवश्यक रूप से छापामारी अभियान चलाया जाए, साथ ही दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाय. वैकल्पिक खेती हेतु लोगों को प्रेरित करें. जन प्रतिनिधियों से भी सहयोग करने का अपील किया गया. जिला कृषि पदाधिकारी को वैकल्पिक खेती हेतु मिट्टी एवं क्षेत्र के अनुसार स्थानीय लोगों की रूचि को ध्यान में रखकर योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया.

इस दौरान एक कार्यशाला का भी आयोजन कर नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम से संबंधित मामलों पर विशेष जानकारी दी गई. कार्यशाला का संचालन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार के मार्गदर्शन में किया गया. इस अवसर पर न्यायाधीश संजय कुमार ने अधिकारियों को एनडीपीएस मामलों से संबंधित कानूनी प्रावधानों, साक्ष्य संकलन, और केस प्रबंधन में सुधार हेतु महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत जांच और अभियोजन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए दिशा निर्देश साझा किया. सभी ने न्यायाधीश की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और अपने अनुभव साझा किए.

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, अपर समाहर्ता, एसडीओ, एसडीपीओ, नारको कोर्डिनेशन सेंटर के पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, सभी अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले को गुलाब भेंट किया गया

खूंटी जिला में सड़क सुरक्षा माह अंतर्गत मुरहू थाना क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया. इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जिला के सभी थाना अंतर्गत वाहन जांच एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है. इस क्रम में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को गुलाब दे कर यातायात नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित किया गया. लोगो को बताया गया कि वाहन से संबंधित सभी कागज दुरुस्त रखे तथा वैध लाइसेंस के साथ ही वाहन का परिचालन करें. सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित की मदद करें. इस दौरान मुरहू थाना प्रभारी रामदेव यादव,  जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक निशांत रौशन एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे.

जिला के प्रवासियों को एसआईएस में दिया जाएगा रोजगार

खूंटी जिला के प्रवासियों को एसआईएस में रोजगार दिया जाएगा. इस निमित्त सिक्योरिटी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया एवं सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड द्वारा जिला में  चार से 14 जनवरी  तक  एसआईएस  भर्ती शिविर का आयोजन किया जा रहा है. भर्ती शिविर में 750 सुरक्षा जवान, 150 सुरक्षा सुपरवाइजर एवं 150 कैश कस्टडियन का चयन किया जाएगा. सभी चयनित उम्मीदवारों को सेंट्रल ट्रेनिंग एकेडमी गढ़वा में एक माह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें पीटी ड्रिल, औद्योगिक सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, फायर फाइटिंग, कंप्यूटर, बैंक सिक्योरिटी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की सुरक्षा सहित  सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा आदि का प्रशिक्षण प्रदान करके सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड द्वारा  5000 कार्य स्थलों पर नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी. भर्ती अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि भर्ती होने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ सुरक्षा जवान की उम्र 19 से40 वर्ष, ऊंचाई 167.5 सेमी से ऊपर होना चाहिए. सुपरवाइजर के लिए उम्र 21 वर्ष से 40 वर्ष, ऊंचाई 170 सेमी  एवं वजन 56 किलोग्राम  अनिवार्य है.

खूंटी जिला के थाना  तोरपा परिसर में चार जनवरी, सोयको थाना परिसर में पांच जनवरी, रनिया में छह, मुरहू में सात, अड़की में नौ, तपकरा में 10, कर्रा में 11, मारंगहादा में 12, खूंटी सदर थाना में 13 और जरियागढ़ थाना परिसर में 14 जनवरी को जरियागढ़ थाना परिसर में शिविर लगाया जाएगा. इन शिविरों में शारीरिक मापदंड एवं लिखित परीक्षा ली जाएगी. उम्मीदवारों को प्रशिक्षण हेतु नियुक्ति पत्र दिया जाएगा. प्रशिक्षण के उपरांत सभी जवानों को एसआईएस इंडिया लिमिटेड जो आईएसओ 2008 मानव विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही  उम्मीदवारों को एसआईएस के द्वारा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा. भर्ती अधिकारी ने बताया कि देश में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए विभाग इस तरह के बेरोजगार युवकों को भर्ती कर रोजगार उपलब्ध कराकर क्षेत्र की बेरोजगारी दूर करने के उद्देश्य से इस तरह का शिविर का आयोजन किया गया है.

 

 

 

 

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