
Ranchi: झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम पूरी तरह से उधार पर चल रहा है. कर्ज बढ़कर 6627.80 करोड़ रुपये हो गया है. इसमें डीवीसी का बकाया बढ़कर 3527.80 करोड़ और टीवीएनएल का बकाया लगभग 3100 करोड़ रुपये हो गया है. डीवीसी ने झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम को कमांड एरिया में बिजली कटौती करने की चेतावनी दी है. कमांड एरिया में सात जिले धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा, रामगढ़ और कोडरमा आते हैं.
डीवीसी के चीफ इंजीनियर ने लिखा पत्र
डीवीसी के चीफ इंजीनियर एमसी रक्षित ने वितरण निगम को बकाये के भुगतान को लेकर पत्र लिखा है. पत्र में स्पष्ट कहा है कि अगर भुगतान नहीं हुआ तो कमांड एरिया में बिजली की कटौती की जायेगी. डीवीसी का बिजली बिल 7072.14 करोड़ रुपये हुआ था, जिसमें झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम ने 4316.70 रुपये का ही भुगतान किया. अक्तूबर 2015 से सितंबर 2015 तक डीवीसी का बकाया 3527.80 करोड़ रुपये हो गया है. इसमें 796 करोड़ डीपीएस (डिले पेमेंट सरचार्ज) भी शामिल है.
बिजली खरीद में 40 करोड़ की वृद्धि
प्रदेश की बिजली व्यवस्था निजी और सेंट्रल सेक्टर पर टिकी हुई है. निजी और सेंट्रल सेक्टर से हर दिन औसतन 660 मेगावाट बिजली ली जाती है. पिछले दो साल में बिजली खरीद में 40 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. दो साल पहले हर महीना करीब 360 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जाती थी. अब हर माह लगभग 400 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जा रही है.
किस कंपनी से कितने करोड़ की बिजली प्रतिमाह
एनटीपीसी- 70 करोड़
एनएचपीसी- 70 करोड़
टीवीएनएल- 70 करोड़
आधुनिक- 20 करोड़
इंलैंड पावर- 13 करोड़
शेष बिजली पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन से ली जाती है.
किस कंपनी से किस दर में ली जाती है बिजली
फरक्का- 3.99 रुपये प्रति यूनिट
कहलगांव वन: 3.93 रुपये प्रति यूनिट
कहलगांव टू- 4.00 रुपये प्रति यूनिट
बाढ़- 6.41 रुपये प्रति यूनिट
फरक्का थ्री- 4.82 रुपये प्रति यूनिट
रंजीत- 3.19 रुपये प्रति यूनिट(पन बिजली)
तिस्ता-2.68 रुपये प्रति यूनिट(पन बिजली)
डीवीसी- 4.93 रुपये प्रति यूनिट
पश्चिम बंगाल बोर्ड- 8.33 रुपये प्रति यूनिट
आधुनिक- 3.90 रुपये प्रति यूनिट
इंलैंड पावर- 4.36 रुपये प्रति यूनिट
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