
Patna: लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में तकरार जारी है. इधर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को 30 नवंबर तक का वक्त दिया है. दो टूक शब्दों में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीजेपी ने फिलहाल उनकी पार्टी को सम्मानजक सीटें नहीं दी हैं और उन्हें बीजेपी का प्रस्ताव मंजूर नहीं है. उन्होंने बीजेपी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह नवंबर के आखिर तक इस संबंध में फैसला ले, लेकिन 30 नवंबर से पहले बीजेपी को इस पर अंतिम फैसला लेना होगा.
इसे भी पढ़ेंःपटना में रालोसपा की अहम बैठक आज, बड़ी घोषणा की अटकलें तेज
खेमा बदलने की है तैयारी !
इस बात के कयास पहले से ही लगाये जा रहे थे कि शनिवार को पटना में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कुशवाहा कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. अटकलें तो यहां तक थीं कि रालोसपा एनडीए से अलग होने का भी ऐलान कर सकती हैं. लेकिन बैठक के बाद कुशवाहा ने 30 नवंबर तक का समय बीजेपी को देकर फिलहाल इन कयासों पर लगाम लगा दी है.
हालांकि, सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को कुशवाहा ने लगभग 1 बजे दिन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष की चुनावी व्यस्त होने के कारण ये मुलाकात नहीं हो पायी. ऐसे में अब उनके एनडीए में बने रहने पर संशय और गहरा हो गया है.
इसे भी पढ़ेंःNEWS WING IMPACT: निगम ने डीजल चोरी की जांच के लिए बनाई 22 सदस्यीय कमेटी
सीट पर तकरार जारी
उल्लेखनीय है कि बीजेपी और जेडीयू ने पहले ही साफ कर दिया है कि बिहार में दोनों 50-50 फॉर्मूले के तहत चुनाव लड़ेंगे. इसके तहत बीजेपी और जेडीयू दोनों राज्य में 17-17 सीटों पर लड़ेंगे. वही सहयोगी एलजेपी को 4 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 2 सीटें देने की तैयारी है. इसके बाद से ही बिहार में एनडीए में खींचतान जारी है. उपेंद्र कुशवाहा ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया है.
खुद गंवाया मिलने का मौका
बताया जा रहा है कि कुशवाहा ने अमित शाह से मिलने का मौका खुद ही गंवाया है. दरअसल बीते दिनों को जब कुशवाहा ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी, तब बीजेपी अध्यक्ष ने खुद फोनकर उन्हें मिलने बुलाया था. लेकिन उन्होंने व्यस्तता की बात कही. अब शुक्रवार को कुशवाहा शाह से मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पायी.
जेडीयू के बयान से गरमायी सियासत
एक ओर रालोसपा और जेडीयू में लगातार जुबानी जंग चल रही है. वही दूसरी ओर जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के ताजा बयान से राजनीतिक पारा और चढ़ गया है. दरअसल शुक्रवार को उन्होंने कहा कि आरएलएसपी के निकल जाने से एनडीए की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. इस बयान के बाद बिहार में फिर सियासी घमासान मचा हुआ है.




