
Ranchi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित मामले में आरोपियों को बड़ी राहत दे दी. शीर्ष कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को रद्द कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिकायत आयकर अधिनियम के अपराध पर आधारित थी, यह PMLA के अनुसार शेड्यूल अपराध नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर जेएमएम ने खुशी जाहिर की है.
वहीं जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ईडी को लेकर टिप्पणी की गई और छत्तीसगढ़ में साजिश कर जिस तरह से कांग्रेस सरकार को अस्थिर किया गया. छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले को पीएमएलए के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. अब यह साफ हो गया है कि बीजेपी कंगारू के रूप में सामने आई है. और वही झोला पीएम ने साथ ले लिया है. इस झोले में ईडी, सीबीआइ और भ्रष्टाचारियों को भर लिया है.
हेमंत सोरेन को चुनाव नजदीक आने पर जेल में डाल दिया गया: जेएमएम
इस चीज को सुप्रीम कोर्ट ने पकड़ लिया और इलेक्ट्रल बॉड को गलत साबित कर दिया गया. ठीक इसी तरह से हमारे नेता हेमंत सोरेन के साथ हुआ, जब चुनाव नजदीक आये तो उन्हें जेल में डाल दिया गया कि चुनाव प्रचार नहीं कर पायें. राज्य के साहू परिवार पर आइटी छापा पड़ा और पीएम ने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट किया. क्या हुआ. क्योंकि उन्होंने पूरा हिसाब दे दिया.
पीएम दें 10 साल का हिसाब: जेएमएम
हेमंत सोरेन के चरित्र को बदनाम करने की कोशिश की गई. और जब हमने पकड़ लिया तो उठा कर जेल में डाल दिया गया. उनकी आवाज को बंद नहीं किया जा सकता है. अडानी को खनन करने के लिए हमारे नेता को जेल में डाला गया. अब बीजेपी की साजिश खुल कर सामने आ गई है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का बहुत -बहुत धन्यवाद. पीएम अपने 10 साल के कार्यों के हिसाब दें. अपनी तरफ से किए गए भ्रष्टाचार की जानकारी भी दें.
क्या था पूरा मामला
अदालत पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा द्वारा उनके खिलाफ आयकर छापे के आधार पर PMLA के तहत जांच शुरू करने के एजेंसी के कदम के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रही थी. ED 2019 से 2022 के बीच चले शराब घोटाले की जांच कर रही है. मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 2022 के आयकर विभाग के आरोप पत्र से सामने आया था.
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