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लेडीज फर्स्टः बीजेपी की सीता, गीता और अन्नपूर्णा मैदान में, कांग्रेस की पूर्णिमा ने किया मना, दीपिका कर रहीं जद्दोजहद और अंबा पूरी तरह से बैकफुट पर

Chhaya

Ranchi: आधी आबादी के हक और हकूक की बात तो सभी करते हैं, लेकिन उन्हें अधिकार देने की बात होती है तो अमूमन रहम ही किया जाता है. बात अफसरी की हो, राजनीति की हो या किसी भी क्षेत्र की, सभी जगह मामला एक जैसा ही है. फिलवक्त बात राजनीति की हो रही है. पूरा देश लोकतंत्र की एक बार फिर से स्थापना करने के पर्व में जुटा हुआ है.

पार्टियां टिकट की घोषणा कर रही हैं. अपनी रणनीति से पब्लिक को अवगत करा रही हैं. झारखंड में भी तैयारी जोर-शोर से हो रहा है. लेकिन महिलाओं की अगर बात करें तो इसमें बीजेपी ने उनके साथ थोड़ा न्याय किया है. वहीं कांग्रेस या जेएमएम की बात करें तो मामला लेडिज फर्स्ट वाला नहीं दिख रहा है. क्योंकि बीजेपी ने ताल ठोक कर तीन महिलाओं को टिकट दे दिया है. वहीं कांग्रेस की बात करें तो उनके पास मजबूत महिला दावेदार होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है.

बीजेपी की सीता, गीता और अन्नपूर्णा मैदान में

बीजेपी ने झारखंड के सभी सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. 14 लोकसभा सीट वाले झारखंड में बीजेपी ने तीन महिलाओं को चुनावी जंग में उतारा है. जेएमएम परिवार और पार्टी से टूटकर सोरेन परिवार की बड़ी बहु सीता सोरेन अब बीजेपी में जा चुकी है. जेएमएम को छोड़ने का इनाम उन्हें बीजेपी ने टिकट देकर दे दिया है. वो इस बार दुमका से चुनाव लड़ेंगी. सीता को दुमका से चुनाव लड़ाने के लिए पहले से घोषित सुनिल सोरेन का नाम पार्टी ने वापस ले लिया.

अंदरखाने की बात करें तो इसका साइड इफैक्ट बीजेपी पर पड़ सकता है. सीता सोरेन को पार्टी में लाने का मास्टर माइंड निशिकांत दुबे को माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि जेएमएम को कमजोर करने में निशिकांत का यह पैतरा काफी कारगर साबित हुआ है. वहीं, अन्नपूर्णा देवी कोडरमा से दोबारा बीजेपी से चुनाव लड़ रही है. पहली बार राजद छोड़कर आने की वजह से बीजेपी ने उन्हें ना सिर्फ टिकट दिया बल्कि जीतने पर केंद्र में राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया. वहीं कांग्रेस की सांसद रह चुकी गीता कोड़ा को भी बीजेपी ने बड़े शातिराना अंदाज में अपने खेमे में शामल किया और चाईबासा से लोकसभा चुनाव में उतारा.

पूर्णिमा, दीपिका और अंबा कांग्रेस की लेडीज ब्रिगेड

लेडीज एंगल से जेएमएम को देखा जाए तो सोरेन परिवार के अलावा लोकसभा चुनाव में उतरने जितना सामर्थ्य किसी में नहीं दिखता है. लेकिन कांग्रेस की बात की जाए तो कुछ महिलाएं हैं, जो बीजेपी को करारा जवाब दे सकती हैं. बीजेपी के सबसे मजबूत सांसद निशिकांत दुबे को अगर किसी ने बीते पांच सालों में चैलेंज किया है, तो वह निःसंदेह दीपिका पांडेय सिंह हैं. लेकिन कांग्रेस की तरफ से उन्हें टिकट दिया जाएगा या नहीं इसपर चर्चा जारी है. बीच में राज पलिवार का नाम तेजी से सामने आया. कहा जा रहा था कि वो कांग्रेस ज्वाइन कर गोड्डा से चुनाव लड़ सकते हैं.

लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है. दीपिका पांडे सिंह का नाम फिलवक्त बना हुआ है. वहीं पूर्णिमा ने धनबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है. स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद अब धनबाद से नाम की घोषणा होगी. वहीं हजारीबाग से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाली अंबा प्रसाद अब पूरी तरह से बैकफुट पर हैं. क्योंकि वहां से बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए जेपी पटेल के नाम की घोषणा हो चुकी है.

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