
Ranchi: खालिस्तानी आतंकवादी और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के अध्यक्ष गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने राजधानी रांची में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले टेस्ट मैच को लेकर धमकी दी थी. उसने सोशल मिडिया के माध्यम से इस मैच को रद्द कराने के लिए भारत में प्रतिबंधित संगठन सीपीआइ माओवादियों से आह्वान किया है.
रांची के जेएससीए स्टेडियम में 23 फरवरी से 27 फरवरी के बीच भारत व इंग्लैंड के बीच होने वाले टेस्ट मैच को रद्द कराने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने धमकी दी है. साथ ही आह्वान किया है कि झारखंड व पंजाब में बवंडर पैदा करो तथा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा व इंग्लैंड टीम के कप्तान बेन स्टाक को मैच नहीं खेलने दो. उसने इंग्लैंड टीम को वापस इंग्लैंड जाने के लिए धमकाया है.
धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज
मामले को लेकर एसआई मदन कुमार महतो के बयान पर धुर्वा थाने में (कांड संख्या 69/2024) में प्राथमिकी दर्ज कराई है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने भारत में दहशत फैलाने के उद्देश्य तथा आदिवासियों के मन में सरकार के प्रति घृणा व अवमान पैदा करने का प्रयास किया है. जो यूएपी अधिनियम, आइटी अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है. साथ ही दो मित्र देशों के बीच खेल संबंधों को बिगाड़ने तथा प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के माध्यम से खेल में बवंडर मचाने के लिए सोशल मिडिया के माध्यम से वीडियो जारी करने के कारण क्षेत्र के लोगों में दहशत पैदा हो गया है. सिख फॉर जस्टिस के गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने माओादियों से यह भी आह्वान किया है कि आदिवासियों की जमीन में क्रिकेट नहीं होने देना है.
गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत के खिलाफ उगलता है जहर
अमृतसर के खानकोट का रहने वाला गुरपतवंत पन्नू पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह विदेश चला गया जहां उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर पंजाब में खालिस्तानी अलगाववादी मुहिम चलाता है. पन्नू के पिता महिंदर सिंह पंजाब में कृषि विपणन बोर्ड में काम करते थे. खलिस्तासन समर्थक पर 2019 में भारत आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. फिलहाल वह अमेरिका और कनाडा में रह रहा है. खालिस्तामन समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ आए दिन जहर उगलता रहता है. आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस का सरगना का कई आतंकी गतिविधियों में नाम सामने आया है. सितंबर 2023 में एनआईए ने उसकी प्रॉपर्टी अटैच की थी. पहले भी हिंदूओं के खिलाफ कई विवादित बयान भी दे चुका है. गुरपतवंत सिंह पन्नू पर देहद्रोह समेत करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं. साल 2020 में भी गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्ति कुर्क की गई थी. सिख फॉर जस्टिश को भारत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 3 (1) के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया था.




