
Ranchi: वन विभाग के हजारीबाग प्रमंडल में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने में कांट्रेक्टर कंपनी की परेशानी बढ़ गयी है. दरअसल, जरेडा की तरफ से राज्य भर में पांच हजार स्ट्रीट लाइट लगाने की निविदा मार्च 2018 में निकाली गयी थी. इसके लिए एसजी इंटरप्राइजेज रांची, मदनानी इंजीनियरिंग वर्क्स कानपुर का चयन किया गया था.
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डीएफओ नहीं दे रहे लिस्ट
हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम समेत आठ जिलों में ये लाइट लगायी जानी थी. हजारीबाग के बड़कागांव रेंज में एक हजार स्ट्रीट लाइट लगायी जानी है. जरेडा की तरफ से चयनित कंपनी को एक हजार स्ट्रीट लाइट लगाने की सूची उपलब्ध करा दी गयी है. लेकिन हजारीबाग के जिला वन अधिकारी राजीव रंजन कंपनी विभाग को सूची नहीं दे रहे हैं.
पूरे प्रकरण पर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार से भी बातचीत की गयी. उन्होंने कहा कि जरेडा की निविदा के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने ही संबंधित जिला वन पदाधिकारी का नंबर भी दिया. उन्होंने कहा कि यदि एकाध दिनों में सूची संबद्ध अधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं करायी जाती है, तो इसकी सूचना उन्हें दी जाये, ताकि विभाग के स्तर पर कार्रवाई की जा सके. बता दें कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस योजना को 20 अक्तूबर 2018 तक पूरा करने का निर्देश दिया है. डीएफओ कार्यालय से सूची उपलब्ध नहीं कराये जाने से योजना के क्रियान्वयन में दिक्कतें आ रही हैं.
अधीनस्थ कर्मियों को दी है सूचना: डीएफओ
न्यूजविंग ने फोन नंबर 8987790205 पर डीएफओ राजीव रंजन से मामले को लेकर बात की. पूछने पर उन्होंने बताया कि विभाग के अधीनस्थ कर्मियों को आवश्यक निर्देश दे दिये गये हैं. वे एक सप्ताह की छुट्टी पर चेन्नई जा रहे हैं.




