
Nikhil Kumar
Ranchi: नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के झारखंड सहित देशभर के एनएचएआई के परियोजना निदेशक और कर्मियों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है. हर दिन इन अधिकारियों की ऑफिस में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए मॉनिटरिंग की जा रही है. परियोजना निदेशक व अन्य अधिकारी अब किसी काम का बहाना मारकर कार्यालय छोड़कर गायब नहीं रह सकेंगे. बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने पर कार्रवाई भी हो सकती है. उन्हें हर हाल में अब अपने कार्यालय में उपस्थित रहना होगा. आउट स्टेशन लीव की स्वीकृति लेकर ही वे ऑफिस छोड़ सकते हैं. एनएचएआई मुख्यालय ने उनपर लगाम लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
एनएचआई चेयरमेन संतोष कुमार यादव ने इस संबंध में पत्र लिखा है और सभी परियोजना निदेशक को कहा कि वे हर शनिवार अपराह्न 3.00 बजे ऑफिस पहुंच कर सबसे पहले अपने सीजीएम को फोनकर शहर में ही उपस्थित होने की सूचना देंगे. वहीं, सोमवार को सुबह 9.30 बजे भी कार्यालय में उपस्थित रहने की सूचना फोन के जरिये सीजीएम को देंगे. हालांकि, फोन मोबाइल के जरिये नहीं करना है बल्कि ऑफिस के लैंडलाइन नंबर से उन्हें फोन करने को कहा गया है. अगर लैंडलाइन नंबर से आये फोन को सीजीएम किसी कारणवश नहीं उठा पाते हैं तो वे आधा घंटे अंदर वापस परियोजना निदेशक को फोन करेंगे उनसे सूचनाएं एकत्र करेंगे.
एनएचएआई के चेयरमेन ने सभी मुख्य महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि वे अपने मातहत सभी परियोजना निदेशक के लैंडलाइन नंबर को सेव करें ताकि उनका फोन आने पर उन्हें पता चले कि किनके नंबर और किस ऑफिस से फोन आया है। एनएचआई चेयरमेन ने इस नियम को सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश भी दिया हे और समय-समय पर इसका प्रतिवेदन भी देने को कहा है.
क्यों ऐसा करना पड़ा
दरसअसल, केंद्र सरकार के सरकारी कार्यालयों की भांति एनएचएआई के कार्यालयों में भी पांच दिन कार्यदिवस कर दिया गया है। सोमवार से शुक्रवार तक कार्य होता है. शनिवार को अब कार्यालय बंद रहता है. वहीं, रविवार साप्ताहिक अवकाश रहता है. ऐसे में यह देखा जा रहा था कि अधिकारी कई बार अपना काम निपटा शुक्रवार की रात या शनिवार को अपने घर या दूसरे स्थानों पर चले जाते हैं. अक्सर सोमवार को वे देर से ऑफिस ज्वाइन करते हैं. कई बार भारत सरकार या एनएचआई मुख्यालय के द्वारा शनिवार को काम की आवश्यकता रहने पर ये अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं रह पाते. सरकार का मानना है कि इससे काम प्रभावित होता है. ऐसे में अब शनिवार की शाम व सोमवार की सुबह उनका शहर में उपस्थित रहना सुनिश्चित करने के लिए यह निर्देश एनएचएआई चेयरमेन की ओर से दिया गया है.
एनएचएआई अधिकारियों में हड़कंप
एनएचएआई चेयरमेन के इस पत्र से अधिकारियों में हड़कंप है. अब वे कहीं भी किसी ऑफिस के काम से भी बाहर गये हुए हैं तो उन्हें वापस ऑफिस आना पड़ेगा और अपनी उपस्थित कार्यालय में है इसकी जानकारी लैंडलाइन फोन के जरिये मुख्य महाप्रबंधक को देनी होगी। झारखंड में रिजनल ऑफिस अशोक नगर रांची में स्थित है। वहीं, यहीं रांची के परियोजना निदेशक का कार्यालय है। इसके अलावा रामगढ़, हजारीबाग, जमशेदपुर, साहेबगंज, देवघर, डालनेटगंज,धनबाद में भी पीडी आॅफिस है। इन कार्यालयों के जरिये ही एनएचएआई के महत्वपूर्ण सड़क व ब्रिज के परियोजनाओं का काम होता है। समय-समय पर परियोजना निदेशक को कार्यो की जानकारी लेने के लिए स्थल निरीक्षण भी करना पड़ता है.




