
Ranchi : झारखंड के सात जिलों लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, प.सिंहभूम, दुमका, लातेहार, खूंटी के जिलास्तरीय पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग अनुसूची-1 तथा पिछड़ा वर्ग अनुसूची दो में शामिल सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के रूप में अगले आदेश तक आवेदन करने तथा नियुक्ति करने के लिए पात्र माने जायेंगे. यानी ईडब्लूएस कोटे के 10 फीसदी आरक्षण में इन सात जिलों के वैसे पिछड़ा वर्ग के सदस्य जिनका आरक्षण शून्य हैं वे शामिल हो गये और नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे. राज्य मंत्रिपरिषद के फैसले के बाद कार्मिक विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो के हस्ताक्षर से इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया है. इन पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को इन जिलों में आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र समर्पित करना अनिवार्य किया गया है. अभ्यर्थी केवल अपने ही जिले में आवेदन करने के लिए पात्र होंगे. आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण पत्र विभागीय संकल्प 15.02.2019 की शर्तों के अनुरूप होगा तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जाति प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा.
अभी आरक्षण की यह व्यवस्था है
किसी भी स्थापना में सेवाओं और पदों की सभी नियुक्तियां जो सीधी भर्ती के द्वारा भरी जाने वाली हों, निम्नलिखित रूप से विनियमित की जायेंगी.
खुली मेरिट कोटि से- 40 प्रतिशत
आरक्षित कोटि से- 60 प्रतिशत
आरक्षित कोटि की 60 प्रतिशत में से आरक्षित उम्मीदवारों को विभिन्न कोटियों की रिक्तियां निम्न रूपेण होंगी.
अनुसूचित जाति- 10 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति- 26 प्रतिशत
अत्यंत पिछड़ा वर्ग अनुसूची-1, 06 प्रतिशत
पिछड़ा वर्ग अनुसूचित 2- 06 प्रतिशत
आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक का वर्ग- 10 प्रतिशत
कुल: 60 प्रतिशत



