
Ranchi: भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी एवम पूर्व विधायक रामकुमार पाहन ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में झामुमो पर जमकर हमला बोला। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि झामुमो नेता प्रवक्ता चोरी और सीनाजोरी दोनों कर रहे हैं। हेमंत सोरेन परिवार ने राज्य में गरीब भोले भाले आदिवासियों की जमीन लूटकर अकूत संपत्ति खड़ा की है। साथ ही पूरे राज्य के खनिज संसाधनों को लूटने की छूट दे दी है। ईडी के द्वारा शिकायत मिलने पर जमीन के लूट की जांच चल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री पर लूट में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं.
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रामकुमार पाहन ने कहा कि ईडी ने उन्हें दुबारा पूछताछ के लिए समन किया है. ऐसे में झामुमो नेता का बयान लूट उजागर होने की बौखलाहट और बेचैनी है. सीएम को ईडी की मदद जांच में करनी चाहिए. जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें शिबू सोरेन परिवार ने नाम बदल बदल कर बड़े पैमाने पर गरीबों को जमीन लूट ली है. जो ज्ञात हुआ है, उसमें कहीं शिवा सोरेन तो कहीं बसंत प्रसाद सोरेन तो कहीं हेमंत कुमार सोरेन जैसे नाम कागजात में दर्ज कराए गए हैं. लूटने में मुख्यमंत्री ने वैसे लोगों का सहारा लिया जो आदिवासी समाज से नहीं आते और उनका झारखंड से कुछ भी लेना देना नहीं है. प्रेसवार्ता में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री बिंदेश्वर उरांव और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर भी उपस्थित थीं.
आदिवासियों से धोखा
राम कुमार पाहन ने कहा कि जब सरकार के द्वारा आदिवासियों को लाभ देने की बात आती है तो उसमें भी मुख्यमंत्री अपने परिवार को ही लाभ में शमिल कर देते हैं। आदिवासियों के लिए आरक्षित जमीन को उन्होंने कल्पना सोरेन के नाम आवंटित कर दिया। मुख्यमंत्री अपने लूट और झूठ को छुपाने के लिए पार्टी प्रवक्ताओं से बयानबाजी करवा रहे। परंतु कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। चोरों का बचना मुश्किल है। सच तो उजागर होकर ही रहेगा। जनता आगामी चुनाव में झामुमो और सत्ताधारी ठगबंधन को पूरा सबक सिखाएगी.
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि झामुमो को धमकी ही देना है तो जरा उन अपराधियों को धमकी दें जो राज्य के उभरते होनहार आदिवासियों की हत्या कर रहे. हिम्मत है तो उन बलात्कारियों को धमकी दें जिसने राज्य के हजारों आदिवासी बहन बेटियों की इज्जत लूटी. उनके टुकड़े टुकड़े कर हत्या कर दी पेड़ में लटका दिए. झामुमो को धमकी रूपा तिर्की जैसे होनहार दारोगा के हत्यारों को देना चाहिए,संध्या टोपनो के हत्यारों को देना चाहिए। लेकिन झामुमो में इतनी हिम्मत नहीं क्योंकि राज्य के आदिवासियों, दलितों की बहन, बेटियों की इज्जत से उनका कुछ भी लेना देना नहीं.




