
Akshay Kumar Jha
Ranchi: किसी भी सूबे के विकास और सुरक्षा का जिम्मा वहां की सरकार में शामिल मंत्रियों से ज्यादा ब्यूरोक्रेट्स का होता है. लेकिन अफसोस कि झारखंड ऐसे समझदारी पर भरोसा नहीं करता. तभी तो इस राज्य में ब्यूरोक्रेट्स की कमी के बावजूद सात आईएएस और पांच आईपीएस अधिकारियों को वेटिंग फॉर पोस्ट कर दिया जाता है. जबकि झारखंड में आईएएस और आईपीएस के लिए कुल 373 पदों में से 88 पद खाली पड़े हैं. झारखंड कैडर के 18 सीनियर आईएएस और 22 आईपीएस अधिकारी अगले कुछ सालों के लिए केंद्रीय तैनाती पर हैं. आईएएस के 224 पद हैं, जिनमें केवल 165 अधिकारी ही कार्यरत हैं. दो आईएएस पूजा सिंघल और छविरंजन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में हैं.
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रूटीन तबादला था या सिर्फ पोस्टिंग?
25-26 जुलाई को सरकार की तरफ से 14 आईएएस और सात आईपीएस का तबादला किया गया. लेकिन गौर करने वाली बात यह कि इनमें सात आईएएस और पांच आईपीएस को दूसरी किसी भी जगह पोस्टिंग ही नहीं मिली. सरकार के नियमों की बात करें तो सात दिनों तक अधिकारियों को ज्वाइनिंग करने के लिए समय दिया जाता है. वो भी तब जब पोस्टिंग की दूरी 20 किमी से ज्यादा की हो. लेकिन आईएएस के ट्रांसफर के आठ और आईपीएस के ट्रांसफर के सात दिनों के बाद भी सभी को पोस्टिंग नहीं मिली है. सभी अब वेटिंग फॉर पोस्टिंग हो गए हैं. ऐसे में कहा जा रहा है कि सरकार की तरफ से ट्रांसफर किया था या फिर सिर्फ कुछ अधिकारियों की पोस्टिंग की गयी थी.
सुखाड़ और क्राइम से राज्य बेहाल फिर भी कुर्सी खाली
विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. विपक्ष की ओर से लगातार झारखंड में सुखाड़ घोषित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है. लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि कृषि विभाग के निदेशक का पद ही खाली है. जबकि ऐसे हालात में कृषि निदेशालय की अहम भूमिका होती है और निदेशालय को लीड कृषि निदेशक करते हैं. चंदन कुमार इससे पहले कृषि निदेशक के पद पर थे. उनका तबादला बतौर डीसी रामगढ़ कर दिया गया है और आठ दिनों से कृषि निदेशक का पद खाली है.
वहीं सूबे में क्राइम का ग्राफ किसी से छिपा नहीं है. पतरातू में पुलिस पर फायरिंग के बाद मेगा स्तर पर पुलिसिया बैठक तो हुई. लेकिन ठीक उसके बाद सुभाष मुंडा की सरेआम हत्या कर दी गयी. दलादली का जो इलाका रांची जिले के जिस क्षेत्र में पड़ता है, वो रांची ग्रामीण एसपी के अंदर आता है. इससे पहले नौशाद आलम रांची के ग्रामीण एसपी थे. लेकिन उनका तबादला साहेबगंज हो गया और प्रभार ट्रैफिक एसपी हरीस बिन जमां को दे दिया गया. रांची में ट्रैफिक की क्या हालत है, वो भी किसी से छिपी नहीं है. तो ऐसे में एक एसपी ट्रैफिक एसपी विधानसभा के चालू सत्र के दौरान वीवीआईपी मुवमेंट की यातायात व्यवस्था संभाले या फिर मर्डर की गुत्थी सुलझाएगा.
वेटिंग फॉर पोस्टिंग में हैं यह अधिकारी
IAS: अरवा राज कमल, फैज अक अहमद मुमताज, आर रॉनीटा, सुशांत गौरव, आदित्य रंजन, माधवी मिश्रा, भोर सिंह यादव.
IPS: अनुरंजन किस्पोट्टा, अंबर लकड़ा, सुभाष चंद्र जाट, अमित रेणु, चंदन झा, आनंद प्रकाश, चंदन कुमार सिंह




