
Ranchi: गोड्डा, धनबाद और देवघर में कोल माइंस के तीन नये प्रोजेक्ट्स शुरू होने वाली है. इसके लिये ईसीएल सर्वे कर भूमि अधिग्रहण पर काम कर रही है. प्रोजेक्ट की मानें तो गोड्डा में राजमहल, धनबाद में मुगमा और देवघर जिले के चित्रा कोल माइंस में काम किया जाना है. ईसीएल ने इसके लिए सीएमपीडीआइएल के साथ सर्वे और प्लानिंग की टीम को विशेष रूप से लगाया है. जिससे समय पर काम जल्दी से पूरा किया जा सके. टीम लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही है. वहीं, राजमहल में इसके लिये सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है.
ईसीएल अधिकारियों की मानें तो कोल माइंस के लिये 36 परिवारों के वंशावली का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है. राजमहल प्रोजेक्ट के लिए लगभग 320 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. जमीन के बदले लोगों को जमीन और नौकरी के लिये नियामवली भी तय कर ली गयी है. इसके तहत जिन लोगों की दो एकड़ जमीन होगी, उन्हें जमीन के बदले आरएनआर पॉलिसी के तहत जमीन का मूल्य व नौकरी दी जायेगी. जिनकी जमीन दो एकड़ से कम होगी उन्हें जमीन के बदले तय राशि दी जायेगी.
160 मिलियन टन कोयला खनन
कोल इंडिया की ओर से कोल कंपनियों को खनन बढ़ाने का आदेश दिया गया है. ईसीएल इन तीन प्रोजेक्ट्स पर खनन बढ़ाने के लिये काम करेगी. इसके तहत राजमहल और मुगता में लगभग नौ साल के लिये खनन किया जायेगा. इन क्षेत्रों से कंपनी को लगभग 160 मिलियन टन कोयला खनन का लक्ष्य है. ऐसे में क्षेत्र का सर्वे कर भूमि अधिग्रहण पर बल दिया जा रहा है. कंपनी को लक्ष्य प्राप्ति के लिये अतिरिक्त कोल मांइंस की जरूरत है. आने वाले समय में कोल कंपनियों की ओर से खनन विस्तारिकरण पर भी काम किया जायेगा.
10 से 15 मिलियन टन कोयला उत्पादन बढ़ेगा
इन प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए ईसीएल को राज्य में होने वाले कोयला उत्पादन को बढ़ाना है. फिलहाल राजमहल, मुगमा और चित्रा के लिये सर्वे किया जा रहा है. वहीं, सीएमपीडीआइएल को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है. अनुमान है कि आने वाले समय में ईसीएल का 10 से 15 मिलियन टन तक कोयला उत्पादन बढ़ेगा.
इसे भी पढ़ें: विधानसभा में आज पेश होगा 10 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश, नियोजन नीति को लेकर भाजपा होगी आक्रामक




