
Ranchi: राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चे अब स्कूल कैंपस में उगाए फल और सब्जियां खायेंगे. ये फल और सब्जी कहीं और नहीं बल्कि स्कूल के कैंपस में ही उगाये जायेंगे. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से ऐसा निर्णय लिया है. राज्य सरकार चिन्ह्ति स्कूल कैंपस में पोषण वाटिका बनाने पर विचार कर रही है. इसको लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव के रवि कुमार ने राज्य के सभी डीसी, डीडीसी और डीपीओ को पत्र लिखा है. कहा है कि देश में कुपोषण की समस्या चुनौती बन गयी है. हालांकि मनरेगा के तहत रोजगार और स्थायी आजीविका करने के लिए कई योजनाएं शुरू हुई हैं. परंतु ग्रामीण परिवेश में व्याप्त अल्प पोषण कुपोषण की चुनौती दूर करने के लिए और अधिक कार्य करने की जरूरत है.
अधिकारियों को दी गयी जिम्मेवारी
इन्हें पोषण वाटिका के रख-रखाव और उससे संबंधित सभी जिम्मेवारी दी गई है. कहा गया है कि समिति हर महीने प्रगति की समीक्षा करेगी और चुनौतियों से निपटने के लिए एक्शन प्लान विकसित करेगी. साथ ही इको क्लब के गतिविधियों की भी निगरानी करेगी. समिति द्वारा ससमय भुगतान एवं प्रखंड में अस्थाई | परिणामों के लिए अभिसरण को पहल की व्यवस्था सुनिश्ति की जाएगी. इको क्लब में पंचायत सचिव व मुखिया भी सदस्य हो सकते हैं. समिति हर 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा करेगी और सतत अनुश्रवण एवं कार्य योजना विकसित करेगी.
रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिये जाने के साथ ही उनकी पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ रोजगार के अवसर देने की दृष्टि से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा मनरेगा की अभिसरण से राज्य के विद्यालयों में कुशल वाटिका शुरू किया जा रहा है. इस योजना के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक सब्जियों एवं फलों को उगाने की तकनीक सिखाने के साथ उनका पोषण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी.
दीदी बाड़ी योजना की तर्ज पर बनेगी पोषण वाटिका
मनरेगा की ओर से संचालित दीदी बाड़ी योजना की तर्ज पर पोषण वाटिका को संचालित किया जाएगा. प्राक्कलन निर्धारण में ध्यान दिया जाएगा कि स्थल की उपलब्धता 1,2,3 एवं पांच डिसमिल के अनुसार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा स्थापना वर्ष में उपलब्ध कराई जा रही 5000 रुपये की सहयोग राशि का व्यय संलग्न मानक प्राक्कलन में प्रावधानित सामग्री मद में किया जाये. जैसे सब्जियों के बीज, पौधों के खरीद, खाद, फोटोग्राफी एवं अन्य कीटनाशक दवाओं की खरीद में किया जायेगा
क्या होगा पोषण वाटिका में
विद्यालय कैंपस में बनाए जा रहे पोषण वाटिका में सभी ऋतु के फल होंगे जैसे- पपीता, केला, मुनगा, मोरिंगा, सहजन और कटहल . वहीं, गर्मी ऋतु में भिंडी, नेनुआ, बोदी, लौकी कोहड़ा और चौलाई. वर्षा ऋतु के लिए फरसबीन, लौकी, कोई साग और टमाटर तथा शरद ऋतु के लिए धनिया, मेथी, पालक, गाजर, चुकंदर, बैंगन और टमाटर आदि पोषण वाटिका में उगाये जायेंगे .
जिला और प्रखंड स्तर पर पोषण समिति गठित
पोषण वाटिका को आकार देने के लिए विभाग की ओर से जिला और प्रखंड स्तर पर पोषण समिति गठित कर दी गई है. जिला स्तर पर डीसी को इसका अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं डीडीसी, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी, डीआरडीए के प्रतिनिधि, कृषि विभाग के प्रतिनिधि, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और सहायक अभियंता समग्र शिक्षा ग्राम को सदस्य बनाया गया है. वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक इस समिति के संयोजक बनाये गये हैं. इसी तरह प्रखंड अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है और प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को संयोजक तथा पंचायत पर्यवेक्षक, कृषि पदाधिकारी, सीडीपीओ, जेई समग्र शिक्षा अभियान, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और बीईईओ द्वारा नामित दो माता समिति और इको क्लब के सदस्य को सदस्य नामित किया गया है.




