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रांची रेलवे स्टेशन में फैसिलिटी के नाम पर सिर्फ आईवॉश, पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं

Ranchi: रांची रेलवे स्टेशन को व‌र्ल्ड क्लास बनाने का दावा किया जा रहा है. लेकिन हकीकत है कि यहां यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, रांची स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर हमेशा पार्सल का सामान रखा रहता है जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती. कितने यात्री इससे टकराकर गिरकर घायल भी हो जाते हैं.

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रांची होकर आने-जाने वाली ट्रेनों के एसी फ‌र्स्ट क्लास में भी सफर करना महंगा पड़ रहा है. इन बोगियों में चूहों का आतंक है. ये चूहे न सिर्फ यात्रियों के महंगे सामानों को कुतरे है बल्कि खाने-पीने के सामानों को भी हानि पहुंचा रहे हैं. इतना ही नहीं, राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी यात्रियों को घटिया नाश्ता व भोजन परोसा जा रहा है. यह शिकायत आए दिन सुनने को मिलती रहती है. पिछले महीने दिल्ली-रांची राजधानी में यात्रा के दौरान खराब खाना खाकर कई यात्री बीमार हो पड़ गए थे.

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प्लेटफॉर्म को बना दिया गोदाम !

रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक को रेलवे प्रबंधन ने गोदाम बना रखा है. यहां पार्सल के साथ-साथ सभी सामान रखकर छोड़ दिए जाते हैं. कई बार तो इसकी वजह से लोगों का ट्रेन पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है. वहीं लोग ट्रेन पकड़ने की आपाधापी में गिरकर घायल भी हो जाते है.

पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं

प्लेटफार्म नंबर एक पर पेयजल के लिए कई नल है. वहीं वाटर वेंडिंग मशीन भी है. लेकिन प्लेटफार्म नंबर 2,3,4,5 की हालत काफी खराब है. इन सभी प्लेटफॉर्म पर पीने के लिए लोगों को पानी ही नहीं मिल पाता. एकमात्र वाटर वेंडिंग मशीन होने की वजह से लोगों की यहां लाइन लगी रहती है. ऐसे में ट्रेन छूट जाने की डर से कई यात्री पानी लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरते भी नहीं हैं.

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वेंडर्स करते हैं मनमानी

रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन से सबसे ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है. ऐसे में इन दोनों प्लेटफॉर्म पर पैसेंजर्स की भी सबसे ज्यादा भीड़ होती है. इसी का फायदा यहां के वेंडर्स उठा रहे हैं. वे सामानों की मनमानी कीमत वसूलते हैं. इतना ही नहीं, वेंडिंग मशीन की पानी के लिए भी स्टाफ 10-10 रुपए वसूल रहे हैं, लेकिन रेलवे का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है.

बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं

रांची डिवीजन से ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या काफी है. वहीं बाहर से भी लोग काफी संख्या में आते है. इसके बावजूद ना तो प्लेटफार्म पर बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां है और न ही कहीं ठहरने के लिए ढंग की व्यवस्था है. परेशान होकर पैसेंजर्स को जमीन पर ही समय गुजरना पड़ता है.

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बेधड़क रेलवे ट्रैक पार करते हैं लोग

एकओर जहां रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का आभाव है. वही यात्रियों की लापरवाही भी हादसों को निमंत्रण दे रहा है. रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से 2 तक जाने के लिए लोग ओवरब्रिज उपयोग नहीं करते है. बेधड़क रेलवे ट्रैक को पार करके इस पार से उस पार हो जाते हैं. लोगों की इस लापरवाही को रेल पुलिस भी बस देखते रहती है. उन्हें रोकने की कोई कोशिश या किसी तरह की कोई कार्रवाई तक करना ठीक नहीं समझती है.

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