
Ranchi: राज्य में लघू और कूटीर उद्योगों एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिये सब्सिडी में वृद्धि की गयी है. वहीं, अब उद्योग विभाग की ओर से एमएसएमई प्रोत्साहन के लिये अलग से पॉलिसी लायी जायेगी. जिसमें अलग-अलग योजनाओं को शामिल करते हुए एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित किया जायेगा. उद्योग विभाग की मानें तो आने वाले दो महीने में एमएसएमई सेक्टर के लिये रोल मॉडल पेश किया जायेगा. जिसमें स्टार्टअप्स, वूमन इंटरप्रिन्योर, टेक्सटाइल सभी सेक्टर को ध्यान में रखते हुए पॉलिसी बनायी जायेगी. इसके साथ ही विभाग तैयारी कर रहा है कि आने वाले नये उद्योग एमएसएमई को तीन साल तक राज्य में किसी भी विभाग से कोई भी लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी. उद्योग विभाग की ओर से बन रहे एमएसएमई प्रमोशन पॉलिसी के तहत इन सुविधाओं को समाहित किया जायेगा. विभाग की मानें तो उद्योगों के लिये ये सबसे लोकप्रिय पॉलिसी होगी.
एमएसएमई निदेशालय का गठन
उद्योग विभाग की मानें तो राज्य में जल्द ही एमएसएमई निदेशालय का गठन किया जायेगा. जहां छोटे, लघू और कूटीर उद्योगों को निदेशालय में ही सारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा. राज्य सरकार की ओर से इसके लिये फंडिंग कर दी गयी है. विभाग की ओर से जल्द इस पर प्रक्रिया पूरी की जायेगी. बता दें जेसिया समेत अन्य औद्योगिक संगठनों की ओर से लगातार एमएसएमई निदेशालय गठन की मांग की जाती रही है. ऐसे में निदेशालय के गठन से उद्यमियों को लाभ मिलेगा.
40 फीसदी तक सब्सिडी
एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार की ओर से 40 फीसदी तक सब्सिडी की देने की तैयारी की जा रही है. औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए अभी उद्यमियों को 25 फीसदी सब्सिडी मिल रही है. इसमें वृद्धि की जायेगी. क्योंकि राज्य में एचईसी, टाटा जैसी मदर कंपनियां है. जिससे छोटे उद्योगों को काम मिलने पर रोजगार का सृजन होगा. ऐसे में सरकार इस दिशा में काम कर रही है.
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