
Palamu: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रधान सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने शनिवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमआरएमसीएच) का निरीक्षण किया. टीम के द्वारा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का अलग अलग जायजा लिया गया.
अस्पताल की जांच के क्रम में दवा भंडारण में भारी गड़बड़ी की संभावना व्यक्त की गई है. टीम की जांच में पाया गया है कि पिछले चार वर्ष से दवा भंडारण का सही से आकलन नहीं किया जा रहा था. वहां से मिले रजिस्टर में वितरण मेनटेन नहीं किया गया था. ऐसे में टीम ने भारी वित्तीय अनियमितता की आशंका जाहिर की है. टीम के द्वारा मेडिकल कॉलेज के बाद अस्पताल में दवा भंडारण, ओपीडी के अंतर्गत सभी वार्ड और वहां भर्ती मरीजों से जानकारी ली गई.
टीम में शामिल पदाधिकारियों ने मरीजों को मिलने वाले भोजन के संबंध में भी पूछताछ की गई. इलाज सुविधा, व्यवस्था, डाक्टर विजीट आदि के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली गई. दवा भंडारण में गड़बड़ी को लेकर अधीक्षक डा. डीके सिंह और प्रधान लिपिक शाहिद अली को टीम में शामिल अधिकारियों ने जमकर फटकार लगाई. यह भी कहा कि इतने लंबे समय से गड़बड़ी है और उन्होंने अबतक उसे ठीक नहीं किया है. ऐसे में इस मामले में उनकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता. उनपर मुकदमा दर्ज करने से परहेज नहीं किया जाएगा. टीम में स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव ध्रुव प्रसाद, अवसर सचिव शिवजी वर्मा, प्रशाखा पदाधिकारी शंभू कुमार एवं अष्टमी बानरा व सहायक प्रशाखा पदाधिकारी मृत्युंजन किसान शामिल थे.
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