
Ranchi: जेसीओ जवान का संगठन युनाइटेड फ्रंट झारखण्ड के बैनर तले श्री दिगंबर जैन भवन रांची में पूर्व सैनिकों के एक राज्य स्तरीय सम्मेलन में राज्य के सारे जिलों से पूर्व सैनिक एवं वीर नारी शामिल हुए. कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों में वेटरन वीर बहादुर सिंह, अनिरुद्ध सिंह, सुशील कुमार सिंह, अविनाश कुमार, एनके मुखोपाध्याय, समीर रक्षित, आभास नाथ ने दीप प्रज्वलित कर प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया। नेशनल चेयरमैन को शॉल पुष्गुच्छ एवं प्रशस्ति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. प्रोग्राम का स्वागत भाषण वॉइस ऑफ एक्ससर्विस मैन सोसायटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश कुमार एवं अनिरुद्ध सिंह ने सभी जिला से आये अतिथियों का स्वागत करते हुए झारखण्ड के पूर्व सैनिकों को होने वाली समस्याओं एवं ओआरओपी के विसंगतियों के साथ समान मिलिट्री सर्विस पे की जानकारी दी. सभी जिला के आये प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं की विस्तार से चर्चा की एवं भारतीय तीनों सेनाओं में अंग्रेजी कायदा कानूनों को सुधारने की आवश्यकता है. जिससे भारतीय सेना का मनोबल ऊंचा हो और विश्व की सबसे मजबूत सेना बन सके. मुख्य अतिथि एवं वक्ता वीर बहादुर सिंह ने वन रैंक वन पेंशन की खामियों एवं उनके समाधान पर अपना विचार प्रस्तुत किया.
इसे भी पढ़ें: झारखण्ड पशु चिकित्सा सेवा संघ ने मानव चिकित्सकों के समान पशु चिकित्सकों के लिए मांगी सुविधाएं
बैठक में यूनाइटेड फ्रंट झाखण्ड का विस्तार हुआ. जिनमे अनिरुद्ध सिंह प्रदेश कोऑर्डिनेटर, सुशील कुमार सिंह प्रदेश अध्यक्ष, दिनेश्वर सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आभास नाथ उपाध्यक्ष, समीर रक्षित उपाध्यक्ष संगठन मंत्री, राजीव रंजन, राकेश मिश्रा संयुक्त सचिव, ओमप्रकाश शर्मा मीडिया प्रभारी, कार्यकारणी सदस्य जीएन पांडेय, मनोज झा, शैलेन्द्र कुमार, विशाल कुमार, सुरेंद्र विश्वकर्मा व कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने किया। सभी सैनिक साथियों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन का आने वाले दिनों में महत्व उपयोगी एवं राज्य के पुर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की समस्याओं को अलग अलग मंच पर उठाने का आश्वासन दिया. साथ ही बैठक में सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि अगर सरकार ने ओआरओपी और वेतन आयोग की विसंगतियों, कैंटीन, ईसीएचएस, डीजीआर, जिला सैनिक बोर्ड आदि की रैंक आधारित भेदभाव की नीतियों को दूर नही किया गया तो 6 अगस्त 2023 को रामलीला मैदान नई दिल्ली में लाखों की संख्या में पूर्व सैनिक प्रदर्शन करेंगे. जिसमें झारखण्ड से हजारों की संख्या में सैनिक भाग लेंगे. प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड के राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया.




